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Chhatarpur News: झोपड़ी में लगी आग; अंदर फंसी रह गई छह माह की मासूम, बेटी को बचाने उठती लपटों में कूदी मां

Thu, 05 Mar 2026 03:57 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर के कितपुरा गांव में झोपड़ी में आग लगने से छह माह की अंजली राजपूत गंभीर रूप से झुलस गई। मां ने जान जोखिम में डालकर उसे बचाया, खुद भी घायल हुई। बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। परिवार ने आर्थिक मदद और बेहतर उपचार की गुहार लगाई है। 
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छतरपुर में बेटी के लिए मां ने जान की बाजी लगा दी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर जिले के गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम कितपुरा में झोपड़ी में आग लगने से छह माह की मासूम बच्ची अंजली राजपूत गंभीर रूप से झुलस गई। बच्ची को बचाने के लिए उसकी मां अशोका राजपूत (25) जलती झोपड़ी में कूद गई और किसी तरह बेटी को बाहर निकाल लाई, लेकिन इस दौरान बच्ची बुरी तरह जल गई और मां भी झुलस गई। फिलहाल बच्ची का जिला अस्पताल छतरपुर के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।

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परिवार के अनुसार घटना होली जलने वाले दिन की है। उस समय घर में साफ-सफाई और त्योहार की तैयारी चल रही थी। मां ने अपनी 6 माह की बेटी अंजली को घर के बाहर बनी घास-फूस की झोपड़ी नुमा छोटी दुकान में लिटा दिया था, जहां अन्य छोटे बच्चे भी खेल रहे थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

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बच्ची की चीखें सुनकर दौड़ी मां
बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर मां अशोका राजपूत दौड़कर मौके पर पहुंची और बिना देर किए जलती झोपड़ी के अंदर घुसकर अपनी बेटी को बाहर निकाल लाई। हालांकि तब तक बच्ची गंभीर रूप से झुलस चुकी थी और मां भी आग की लपटों से घायल हो गई। आग में झोपड़ी और उसमें रखा दुकान का पूरा सामान भी जलकर खाक हो गया।

इलाज के लिए भटकता रहा परिवार
घटना के बाद परिजन सबसे पहले बच्ची को गौरिहार अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उसे बांदा अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार का आरोप है कि उस समय उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिली, इसलिए 2500 रुपए खर्च कर प्राइवेट चार पहिया वाहन से बांदा अस्पताल ले जाना पड़ा।

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इलाज में लापरवाही का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि बच्ची को सिर्फ इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और पट्टी भी वही है जो बांदा अस्पताल में की गई थी। परिवार का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर है, लेकिन उपचार पर्याप्त नहीं हो पा रहा।

परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। माता-पिता का कहना है कि वे बाहर किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की स्थिति में नहीं हैं। छतरपुर में रहने, खाने और दवाइयों का खर्च उठाना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है। परिजन बताते हैं कि गाड़ी का किराया भी उन्होंने अपनी जमा पूंजी और रिश्तेदारों से उधार लेकर दिया है। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन और आमजन से मदद की गुहार लगाई है। बता दें कि यह परिवार चंदला विधानसभा क्षेत्र का निवासी है, जहां से दिलीप अहिरवार विधायक और राज्य मंत्री हैं।

 

बच्ची को बचाते समय मां भी घायल हो गई। 

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