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छतरपुर: घर पहुंची दिव्यांशी, बोरवेल से निकालने के बाद अस्पताल में किया गया था भर्ती

Sat, 18 Dec 2021 02:28 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

24 घंटे हॉस्पिटल में एडमिट रहने के बाद बोरवेल में गिरने वाली 13 महीने की दिव्यांशी को पूर्ण स्वस्थ होने के बाद शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जाते समय दिव्यांशी और उसकी मां बहुत खुश थी।
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दिव्यांशी को एंबुलेंस से घर छोड़ा गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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24 घंटे हॉस्पिटल में एडमिट रहने के बाद बोरवेल में गिरने वाली 13 महीने की दिव्यांशी को पूर्ण स्वस्थ होने के बाद शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जाते समय दिव्यांशी और उसकी मां बहुत खुश थी। उसने कहा कि शासन प्रशासन की तात्कालिक मदद और दूरदर्शिता के सहयोग से मेरी बेटी आज जीवित है और अब बिल्कुल स्वस्थ है। वह मौत को मात देकर लौटी है। विषम परिस्थियों में हमने अकेले ही संघर्ष किया है। घटना के दौरान मेरे घर में कोई भी पुरुष नहीं था। घर के सारे पुरुष मजदूरी करने बाहर गए हुए हैं।
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सबसे पहले खुला बोरवेल बंद करूंगी
दिव्यांशी की मां रामसखी ने कहा कि तो मैं सबसे पहले घर पहुंचकर वह बोर को बंद करूंगी, जिसकी वजह से मेरी बेटी की जान जोख़िम में आ गई थी। साथ ही उसने अपील के साथ संदेश भी दिया कि लोग अपने और अपने आसपास के खुले बोर गड्ढे बंद करें या उन्हें ढंक कर रखें। ताकि मेरी बेटी की तरह किसी और की जान सांसत में न आने पाए।
 
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कलेक्टर ने की थी मुलाकात

कलेक्टर संदीप जीआर जिला अस्पताल में दिव्यांशी को देखने पहुंचे थे - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक साल तीन महीने की बच्ची दिव्यांशी खेत में खुले पड़े बोरवेल में गिर गई थी। करीब 9 घंटे के संघर्ष के बाद उसे सकुशल निकाल लिया गया था। निकालते हुए उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। कलेक्टर संदीप जीआर अस्पताल में उससे मिलने पहुंचे और हालचाल जाने। शनिवार को बच्ची दिव्यांशी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसे और उसके परिवार के लोगों को एंबुलेंस से घर छोड़ा गया।
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