दिव्यांशी को एंबुलेंस से घर छोड़ा गया
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24 घंटे हॉस्पिटल में एडमिट रहने के बाद बोरवेल में गिरने वाली 13 महीने की दिव्यांशी को पूर्ण स्वस्थ होने के बाद शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। जाते समय दिव्यांशी और उसकी मां बहुत खुश थी। उसने कहा कि शासन प्रशासन की तात्कालिक मदद और दूरदर्शिता के सहयोग से मेरी बेटी आज जीवित है और अब बिल्कुल स्वस्थ है। वह मौत को मात देकर लौटी है। विषम परिस्थियों में हमने अकेले ही संघर्ष किया है। घटना के दौरान मेरे घर में कोई भी पुरुष नहीं था। घर के सारे पुरुष मजदूरी करने बाहर गए हुए हैं।
सबसे पहले खुला बोरवेल बंद करूंगी
दिव्यांशी की मां रामसखी ने कहा कि तो मैं सबसे पहले घर पहुंचकर वह बोर को बंद करूंगी, जिसकी वजह से मेरी बेटी की जान जोख़िम में आ गई थी। साथ ही उसने अपील के साथ संदेश भी दिया कि लोग अपने और अपने आसपास के खुले बोर गड्ढे बंद करें या उन्हें ढंक कर रखें। ताकि मेरी बेटी की तरह किसी और की जान सांसत में न आने पाए।