छतरपुर जिले के नोगांव थाना अंतर्गत दोनी गांव में बोरवेल में गिरी डेढ़ साल की बच्ची दिव्यांशी को तकरीबन 9 घंटे चले रेस्क्यू के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बच्ची के बाहर आते ही जयकारे लगने लगे। सीएम, गृहमंत्री ने टीम की तारीफ की है।
छतरपुर जिले के नोगांव थाना अंतर्गत दोनी गांव में बोरवेल में गिरी डेढ़ साल की बच्ची दिव्यांशी को तकरीबन 9 घंटे चले रेस्क्यू के बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया। पुलिस, आर्मी, होमगार्ड, एसडीआरएफ की टीम ने बोर के समांतर गड्ढा बनाकर टनल के जरिये बच्ची को सकुशल बाहर निकाला। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री सहित तमाम नेताओं ने टीम की तारीफ की है।
विज्ञापन
दिव्यांशी को रात 1.30 बजे जिला अस्पताल स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा, जहां एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर श्वेता चौरसिया ने दिव्यांशी को इलाज दिया और बताया कि वह स्वस्थ है।
पहले घरवालों ने की कोशिश, बात नहीं बनी तो पुलिस को दी खबर
इसी खुले बोरवेल में गिरी थी डेढ़ साल की दिव्यांशी
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार किसान राजेन्द्र कुशवाहा की बच्ची दिव्यांशी अपने खेत में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह खेत में ही खुले पड़े बोरवेल में गिर गई। बोरवेल करीब 80 फीट गहरा था और सूखा पड़ा था। जब दिव्यांशी परिवार के लोगों को आसपास नही दिखाई दी तो परिवार के लोगों ने उसे ढूंढ़ना शुरू कर दिया। परिवार के लोग बच्ची को ढूंढ ही रहे थे कि अचानक बोरवेल के अंदर से दिव्यांशी के रोने की आवाज आने लगी। परिवार के लोगों ने पहले तो उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, जब असफल रहे तो तुरंत उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी।
प्रशासन की टीम ने योजना बनाई, फिर शुरू किया बचाव कार्य
बचाव दल ने बोरिंग के नजदीक से गड्ढा खोदना शुरू किया।
- फोटो : अमर उजाला
बच्ची के गिरने की सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव ऑपरेशन शुरू किया गया है। सबसे पहले थाना प्रभारी दीपक यादव, अतुल दीक्षित लुगासी पहुंचे थे। कलेक्टर संदीप जीआर, एसपी सचिन शर्मा सहित जिला प्रशासन का तमाम अमला मौके पर आखिरी समय तक डटा रहा। बच्ची करीब 15 फीट गहराई में फंसी थी।
रोने की आवाज सुनकर मिल रही थी बच्ची के ठीक होने की जानकारी
देर रात तक कोशिशें जारी रहीं
- फोटो : अमर उजाला
योजनाबद्ध तरीके से बोरवेल के पास से गड्ढा खोदा गया, देर रात ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था की गई। रह-रहकर बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी, जिससे उसके सकुशल होने की जानकारी लगती रही। देर रात बच्ची को सकुशल निकाल लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, आर्मी, होमगार्ड, एसडीआरएफ की टीम का सहयोग रहा।
मुख्यमंत्री, गृहमंत्री ने ट्वीट कर बचाव दल का आभार माना
- फोटो : अमर उजाला
देर रात करीब 1 बजे बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। परिवार और प्रशासन ने राहत की सांस ली। तुरंत दिव्यांशी को रात 1.30 बजे जिला अस्पताल स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा, जहां एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर श्वेता चौरसिया ने दिव्यांशी को इलाज दिया और बताया कि वह स्वस्थ है।
डॉक्टर आरएस प्रजापति ने कहा, बचाव अभियान गुरुवार शाम 4 बजे से रात 1 बजे तक चला। बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। जब बच्ची बोरवेल में फंसी थी, उस वक्त हमने सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की थी। बच्ची के सकुशल बाहर आने के बाद लोगों ने टीम को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा आदि ने टीम का आभार माना।