सलकनपुर के विजयासन धाम में श्रद्धालुओं को अब माता के दर्शन के लिए और भी ज्यादा समय मिलेगा। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने चैत्र नवरात्रि से नई व्यवस्था की है। मातारानी के दर्शनों के लिए सुबह 5.30 से रात आठ बजे तक पट खोल दिए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए मार्ग, पार्किंग, पानी, स्नान आदि चाक चौबंद व्यस्थाएं की गई हैं।
2 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होगा। पिछले दो साल से कोरोना काल के चलते नवरात्र पर्व पर के लिए प्रतिबंध लगा हुआ था। इस बार सभी मंदिर खुले रहेंगे। इस बार भक्त भी ज्यादा संख्या में पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था की है। पांच सौ फीट लंबा रोड बना दिया गया है, जहां से मंदिर पहुंचने में आसानी होगी। पानी की टंकी के पास 50 सीढ़ी बना दी गई हैं। यहां पर रैंप की व्यवस्था भी रहेगी। मंदिर के पास शिव मंदिर पर पार्किंग स्थल बनाया गया। मंदिर प्रांगण से लगा हुआ सत्कार भवन खोल दिया गया है। जगह-जगह श्रद्धालुओं को पानी की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रांगण के पास व नीचे स्वास्थ्य अमला व डाक्टर तैनात रहेंगे।
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यहां होगी पार्किंग व्यवस्था
आंवलीघाट के ब्रिज के दाएं तरफ दो पहिया वाहन के लिए पार्किंग की सुविधा की गई है। जबकि बाएं तरफ ब्रिज के नीचे चार पहिया वाहन के लिए पार्क करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सलकनपुर-आवलीघाट मार्ग पर पड़ने वाले मछुआ भवन के पास चार व दो पहिया वाहन पार्किंग रहेगी। जबकि सलकनपुर से आंवलीघाट के बीच बबलू ढाबे पर भी पार्किंग की सुविधा की गई है। इन स्थानों तक पहुंचाने व पार्किंग स्थल पर यातायात अमला भी मौजूद रहेगा।
दो अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व के दौरान देवी धाम सलकनपुर में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी अधिकारियों को नियत तिथि और समय पर उपस्थित रहकर बुधनी एसडीएम शैलेंद्र हिनोतिया को आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नवरात्र पर्व के दौरान एक अप्रैल को मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री हेमंत मोतियानी, जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी हदेश राठौर और जलसंसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री प्रियंका भंडारी की ड्यूटी रात 9 से सुबह 6 बजे तक सीढ़ी मार्ग पर लगाई गई है।
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इन तीन घाटों पर रहेगा प्रतिबंध
सलकनपुर विजयासन धाम पहुंचने से पहले हजारों श्रद्धालु नर्मदा तटों पर बने घाटों पर स्नान करने पहुंचते हैं। इससे कई बार हादसे होते हैं, जिसको देखते हुए आंवलीघाट ब्रिज के पास स्नान करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। क्योंकि यहां गहराई अधिक होने से डूबने का खतरा बना रहा है। जबकि गांजीत घाट व गऊघाट पर भी प्रतिबंध रहेगा, क्योंकि यहां भी गहराई अधिक है। यहां श्रद्धालु न पहुंच सकें इसके लिए बैरिकेड्स भी दूर-दूर तक लगाए गए हैं, वहीं प्रशासनिक व पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
लंबे समय बाद श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिर में अधिक श्रद्धालु पहुंचने की संभावना देखते हए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहेगा, लेकिन सबसे अधिक आंवलीघाट पर करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। आंवलीघाट की घटनाओं को देखते हुए चार वोट भी रहेंगी, जो घटनाओं पर नजर रखने के साथ ही मौके पर मदद पहुंचाएंगी। साथ ही 25 गोताखोर भी तैनात किए जाएंगे, जो लोगों पर नजर रखने के साथ ही तत्काल मदद भी पहुंचाएंगे। इसके अलावा ग्राम सुरक्षा समिति और नगर सुरक्षा समिति के सदस्य भी मदद के लिए तैनात रहेंगे। मंदिर प्रांगण में कंट्रोल रूम भी तैयार किया गया है, जिसमें खोया-पाया काउंटर भी रहेगा।