बाणगंगा पुलिस के पास पिछले दिनों एक प्रकरण पहुंचा। गणेशधाम कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने पत्नी के घर से लापता होने की शिकायत की। पुलिस ने व्यक्ति से पूरी जानकारी ली और जांच में जुटी। महिला का पता लगाने के लिए टीम बनाई। टीम ने महिला के घर के आसपास सहित मोहल्ले में लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज चेक किए। साइबर सेल की मदद से महिला के मोबाइल नंबर की जानकारी निकाली गई, जिससे लोकेशन शिवपुरी की मिली।
इसके बाद पुलिस की टीम शिवपुरी पहुंची। महिला का पता लगाकर इंदौर लाकर पूछताछ की गई। यहां महिला ने बताया कि उसका पति से विवाद हो गया था। विवाद के कारण उसे गुस्सा आया और वह शिवपुरी चली गई।
मां ने डांटा तो चली गई थी घर से
दूसरे मामले में मां की डांट एक बेटी को इतनी नागवार गुजरी कि वह घर से चली गई। हातोद पुलिस थाने में महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि बेटी घर से कहीं चली गई है। पुलिस ने जब महिला से बातचीत की और जानकारी जुटाई तो पता चला कि बालिका 2020 में अपने मामा के घर से भी गायब हो गई थी। काफी प्रयासों के बाद बालिका को बरामद किया गया था और तब उसे बहलाफुसला कर शादी करने के लिए भगाकर ले जाने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार किया था।
जब दोबारा बालिका लापता हुई तो थाना प्रभारी हातोद राजीव त्रिपाठी ने इसे गंभीरता से लिया। इसके लिए विशेष टीम बनाई। तलाश करने पर लापता बालिका बिजासन माता मंदिर में मिली। उसे थाने लाए और घरवालों के सुपुर्द किया। पुलिस ने बालिका से घर से जाने का कारण पूछा तो उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से मां के डांटने के कारण नाराज होकर बिजासन माता मंदिर चली गई थी। किसी बात पर मां नाराज हो गई थी। इससे गुस्सा आ गया और वह घर से चली गई।
घर का रास्ता भटकी बालिका
इसी तरह देपालपुर में एक बालिका घर का रास्ता भटक गई। देर रात वह चमन चौराहा देपालपुर तेजाजी मंदिर पर अकेली बैठी थी। पुलिस को पता चला तो बालिका के पास पहुंची और बातचीत की। बालिका ने बताया कि वह ग्राम हुंडी थाना गंधवानी की रहने वाली है। इस पर गंधवानी पुलिस से संपर्क कर वीडियो कॉल किया गया और परिजनों से बात की गई। बालिका ने बताया कि वह घर का रास्ता भटक गई थी और यहां पहुंच गई। इसके बाद उसे परिजनों तक पहुंचाया गया।
घरवालों से बिछड़ गईं थीं बच्चियां
एक अन्य मामले में पुलिस ने दो बालिकाओं को परिजनों तक पहुंचाया। सराफा क्षेत्र में पुलिस रात्रि गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान दो बालिकाएं लावारिस हालत में मिलीं। पुलिस ने पूछताछ की। बालिकाओं की उम्र छह और चार वर्ष थी। दोनों राजवाड़ा पर घूम रही थी और घबरा रहीं थीं। पुलिस ने जब उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि घरवालों से बिछड़ गई थीं।
पुलिस ने जब उनसे उनके परिजनों के बारे में पूछा तो ठीक से जानकारी नहीं दे पाईं। इस पर पुलिस अपने स्तर पर परिजनों की तलाश करने में जुटी। पुलिस ने घंटे भर से ज्यादा मशक्कत कर सभी थानों में संपर्क किया और बालिकाओं के परिजनों का पता लगाया। परिजनों का पता लगने पर वह थाने पहुंचे और फिर बालिकाओं को उनके सुपुर्द किया गया।