रेलवे नियमों के मुताबिक किसी भी प्लेटफार्म पर वीवीआईपी गाड़ी नहीं जा सकती लेकिन ग्वालियर में इसका उलटा हुआ। ये मामला मंगलवार-बुधवार की रात का है जब एक वीआईपी को लेने के लिए इनोवा कार ग्वालियर के प्लेटफार्म नंबर-1 पर जा पहुंची। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कांग्रेस का आरोप है कि ये गाड़ी किसी और की नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर की है। वहीं नरेंद्र तोमर से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कांग्रेस के आरोप को झूठा बताया, उन्होंने कहा कि उनका इस गाड़ी से कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं चश्मदीदों का कहना है कि इनोवा कार में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर थे, लेकिन तोमर ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। रेलवे के नियमों के विरुद्ध कार के प्लेटफार्म पर आने की बात से रेलवे अधिकारी फिलहाल अनजान बने हुए हैं। कार जिस गेट से अंदर प्लेटफार्म पर दाखिल हुई, उसकी चाबी रेलवे अधिकारियों के पास ही रहती है। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। अब रेलवे अधिकारी जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
प्लेटफार्म नंबर 1 पर रात करीब 1 बजे अच्छी-खासी आवाजाही थी। उसी दौरान यहां एक इनोवा नंबर एमपी 07 बीआर-4997 घुस आई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भोपाल एक्सप्रेस से रात करीब 1:10 बजे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आने वाले थे। वे ट्रेन से उतरे और सीधे कार में बैठकर रवाना हो गए।
बता दें कि प्लेटफाॅर्म पर गाड़ी लाना रेलवे ऐक्ट के तहत उल्लंघन के दायरे में आता है। ऐसे में स्टेशन पर मौजूद लोगों ने कार के प्लेटफार्म पर आने का वीडियो बना लिया। जो अब इस मामले की परत खोलने में मददगार साबित होगा। वहीं इस मामले में कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी। जब इस संबंध में केंद्रीय मंत्री से पूछा गया तो वे बोले- कांग्रेस का काम आपत्ति करने वाला है, मुझे नहीं मालूम कौन सी गाड़ी है।
वीआईपी के लिए अफसर ही तोड़ते हैं नियम!
रेलवे स्टेशन के आला-अफसर विभागीय अफसरों के साथ ही वीवीआईपी के आगमन के दौरान तमाम नियमों को तोड़ रहे हैं। ये कोई पहला मामला नहीं है आए दिन इस तरह की खबरें देखने-सुनने को मिल रही हैं। वैसे रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हम पता कर रहे हैं कि प्लेटफार्म तक पहुंची गाड़ी किसकी थी, और प्लेटफार्म पर किस कारण आई थी। जांच पूरी होने के बाद दोषी लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।