दो दिन पूर्व गरोठ क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में मृतक के बेटे सहित चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी बेटे ने कहा कि पिता उसे खर्चे के लिए रुपये नहीं देते थे और मारपीट करते थे, इसलिए उसने उनकी हत्या कर दी।
मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र में 14-15 अप्रैल की रात एक अधेड़ का शव जमीन में दबा हुआ मिला था। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम करवाया तो सामने आया कि 45 वर्षीय अधेड़ कुशल सिंह के शरीर पर कुल्हाड़ी के वार के निशान हैं। इस पर गरोठ थाना पुलिस ने मामले की हत्या के एंगल से जांच शुरू की। पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक कुशाल सिंह के पुत्र कृपाल सिंह पिता कुशल सिंह उम्र 21 वर्ष निवासी जूनापानी को हिरासत में लिया।
पुलिस ने कृपाल से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल किया। आरोपी कृपाल ने पुलिस को बताया की उसके पिता कुशल सिंह आए दिन उसके साथ मारपीट और भेदभाव करते थे। घर के पूरे रुपये पैसों का हिसाब किताब अपने पास रखते थे, खर्चे के लिए रुपये मांगने पर नहीं देते थे और मारपीट करते थे। इससे परेशान होकर पिता कुशल सिंह को अपने रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने दूर के रिश्ते के मामा गोर्वधन सिंह पिता गोपाल सिंह निवासी रतनपुरा थाना मिश्रोली जिला झालावाड़, राजस्थान से बातचीत की। इसके बाद दोनों ने कुशल सिंह को जान से मारने की योजना बनाई।
हत्या करने की डेढ़ लाख में दी सुपारी
कृपाल सिंह ने गोवर्धन सिंह को अपने पिता की हत्या करने के लिए डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी। उसने 20 हजार रुपये नकद एडवांस में देकर गोर्वधन सिंह को राजी किया। योजना के अनुसार 14-15 अप्रैल की रात गोर्वधन सिंह अपने अन्य साथियों धीरज उर्फ धीरुलाल पिता बगदूलाल मेघवाल उम्र 25 साल निवासी रतनपुरा तथा रोडू लाल पिता फतेराम मेघवाल उम्र 30 साल निवासी रतनपुरा को साथ लेकर ग्राम जूनापानी आया तथा अपने मोबाइल से फोन करके कृपाल सिंह को अपने पास बुलाया। बाद में चारों गोवर्धन सिंह की मोटरसाइिकल से मृतक कुशल सिंह के खेत पर गए तथा चारों ने मिलकर कुल्हाड़ी व लकड़ी से कुशल सिंह की हत्या कर दी और शव जमीन में दफना दिया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।