मानवता के लिए खतरा बन चुकी कोरोना महामारी के दौर में भी कुछ लोग कालाबाजारी से बाज नहीं आ रहे हैं। कोरोना के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में इसकी कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा की कथित कालाबाजारी में इंदौर में मेडिकल स्टोर संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से रेमडेसिविर की दो अलग-अलग ब्रांड की 12 शीशियां बरामद की गई हैं। शीशियों के पैकेट पर छपा है कि इनका उत्पादन "केवल निर्यात के लिए" किया गया है। खत्री ने बताया, 'इन शीशियों पर रेमडेसिविर दवा का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) नहीं छपा है। लेकिन आरोपी इसकी एक शीशी को 20,000 रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे।' उन्होंने बताया कि आरोपियों में शामिल सिसोदिया मेडिकल स्टोर चलाता है, जबकि पाटीदार पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है।
मध्य प्रदेश: इंदौर में रेमडेसिविर की कालाबाजरी करने का मामला सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया, "STF को सूचना मिली की कुछ लोग रेमडेसिविर के इंजेक्शन 20,000 रुपए में बेच रहे हैं। इनके पास से 6 इंजेक्शन प्राप्त हुए हैं। मामले में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।" pic.twitter.com/X2EIgztO29
भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर 88 अंतिम संस्कार
मप्र में भी कोरोना की दूसरी लहर कहर मचाए हुए हैं। बड़ी संख्या में संक्रमित मिलने के साथ ही मौतों का भी सिलसिला जारी है। गुरुवार को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में 88 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। इनमें से 72 कोरोना संक्रमित थे और 16 सामान्य। इन 72 कोरोना मृतकों में 45 भोपाल के और 27 बाहर के थे।