युवा विधायकों के साथ ग्रुप फोटो
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नागरिकों की सक्रियता से जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय होती है- तोमर
सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी से तय होती है। उन्होंने युवा विधायकों को बदलाव का वाहक बताते हुए कहा कि वे नई सोच और ऊर्जा के साथ राजनीति में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। तोमर ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता उसे लागू करने वालों की नीयत और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ईमानदारी से कार्य करें, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत बन सकता है। उन्होंने सदन में तार्किक बहस करने की बात कहीं।
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नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज स्तर पर होगी है- सिंघार
सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ने छात्र संघ चुनावों की बहाली की जरूरत बताते हुए कहा कि नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज स्तर से होती है। युवाओं में बदलाव की ऊर्जा होती है, जिसे सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता की आवाज विधानसभा तक मजबूती से पहुंचे। सिंघार ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र की जरूरतों और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनसे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले। उन्होंने राजनीति में भेदभाव से बचने और विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। सिंघार ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए यह संभव नहीं है कि वह क्षेत्र के सारे काम पूरे कर दे। महत्वपूर्ण यह है कि आप उन कामों को चुनें जो क्षेत्र को मजबूत बनाते हैं।
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पारंपरिक लोक नृत्य से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक लोक नृत्य से हुई और इसके बाद सभी अतिथियों ने समूह फोटो खिंचवाया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन तीन सत्रों में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी और युवा विधायकों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। वहीं, 31 मार्च को अंतिम दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व और चुनौतियां’ विषय पर मंथन किया जाएगा। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और अन्य विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।