सरकार और सिविल सोसायटी संगठनों के लगातार प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश में गुम हो रहे बच्चों की संख्या में महत्वपूर्ण सुधार आया है। नया एनालिसिस बताता है कि साल 2022 में हर दिन 32 बच्चे गुम हुए, जिनमें करीब 75 प्रतिशत लड़कियां और 25 प्रतिशत लड़के थे। राहत की बात यह है कि एक साल पहले के मुकाबले इस संख्या में छह प्रतिशत की कमी आई है।
इंदौर और भोपाल में सबसे अधिक मिसिंग केस
फेक्टशीट के मुताबिक, मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल में सबसे ज्यादा बच्चे गुम हुए। इंदौर में 2022 में बच्चों के गुम होने के 977 प्रकरण दर्ज हुए, वहीं भोपाल में 661 केस। इंदौर से 245 लड़के और 732 लड़कियां गुम हुई, जबकि भोपाल से 225 लड़के और 436 लड़कियां। इसी तरह धार से 84 लड़के और 470 लड़कियां, जबलपुर से 177 लड़के और 427 लड़कियां और सागर से 115 लड़के और 346 लड़कियां गुम हुए। डेटा बताता है कि शहरी इलाकों में बच्चों के गुम होने का खतरा ग्रामीण इलाकों से अधिक है।