यात्रा करने वाले बच्चे बोले- प्लेन के समान बनी ट्रेन
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वंदे भारत एक्सप्रेस में भोपाल से विदिशा यात्रा करने वाले बच्चों ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा, भारत में बने पहली स्वदेशी ट्रेन को प्लेन के समान बनाया गया है। हर सुविधा से युक्त ट्रेन में सफर कर रोमांचित है।
रेलवे हायर सेकेंडरी स्कूल की हिमांशी गुप्ता (16) ने बताया, मैं फर्स्ट कोच में बैठी थी। मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। वह मेरे सिर पर हाथ रखकर आगे बढ़ गए। हम उनके साथ फोटो नहीं खींच पाए। हमारे मोबाइल पहले जमा करा लिए गए थे। उनके जाने के बाद मोबाइल दिए गए। वंदे भारत एयरो प्लेन की तरह बनी है। ऑटोमेटिक गेट, कंफर्टेबल सिटिंग, लाइटिंग और बायो वक्यूम टॉयलेट से लेकर हर सुविधा आधुनिक है। ट्रेन में एक बार बैठने वाले को बार-बार बैठने की इच्छा होगी।
'सबसे अच्छा कि भारत में बनी है वंदे भारत एक्सप्रेस'
बाल भारती पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली भविष्या यादव (14) ने कहा, मैं प्रधानमंत्री से मिलने और वंदे भरत में बैठने दोनों से बहुत खुश हूं। ट्रेन सर्व सुविधा युक्त है। सबसे अच्छा कि आधुनिक सुविधा वाली ट्रेन भारत में बनने लगी। मेरी इच्छा है कि मैं फिर वंदे भारत एक्सप्रेस में बैठूं।
120 की स्पीड तक दौड़ी...
बाल भारती पब्लिक स्कूल के ही श्रेयस सिंह ने बताया कि मैंने 120 की स्पीड पर चलने का अनुभव लिया। ट्रेन में कैटरिंग, डिस्प्ले बोर्ड पर ट्रेन की जानकारी मिलना नया था। मेट्रो ट्रेन जैसी सुविधा वंदे भारत में दी गई है।
सेल्फी लेने अंदरे आ गए लोग...
यात्री अक्षत ने बताया कि विदिशा में वंदे भारत एक्सप्रेस के रुकने पर कुछ लोग अंदर आ गए और सेल्फी लेने लगे। तभी अचानक गेट बंद हो गया। इससे वह लोग घबरा गए। हालांकि, तभी बाहर के लोगों ने बटन दबाया, जिससे गेट खुल गया।