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Bhopal: ‘मेरी बीमार बेटी किसी पर बोझ बने’...हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले डॉक्टर का सुसाइड नोट; जानें

Tue, 04 Mar 2025 07:00 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Bhopal: पुलिस ने पीएम के बाद शव बड़ी बेटी और दामाद को सौंप दिया था, जिन्होंने पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया है। शर्मा एक सामाजिक संस्था से जुड़े थे, उस संस्था को भी दो लाख रुपए दान देनेे को वसीयत में लिखा है...आइये समझते हैं पूरा मामला। 
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जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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भोपाल के शक्ति नगर में रहने वाले बेटी की जहर देकर हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले 82 वर्षीय वृद्ध होम्योपैथी डॉक्टर हरिकिशन शर्मा की एक वसीयत भी सामने आई है। वसीयत में उन्होंने अपना मकान और बैंक में जमा राशि भोपाल में रहने वाली बड़ी बेटी और दामाद को देने को लिखा है। इसके साथ ही सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं नहीं चाहता था कि मेरी मानसिक बीमार बेटी किसी पर बोझ बने।

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उन्होंने आगे लिखा कि मैं अपनी बेटी से कहता था कि वह शादी करके घर बसा ले, लेकिन वह शादी का नाम सुनते ही झल्ला जाती थी, बुरा बर्ताव करने लगती थी। मैं उसकी परवरिश करके थक चुका था। मेरी उम्र भी अधिक हो गई थी और बीमार भी रहता था। ऐसे में बेटी चित्रा शर्मा की की सेवा के साथ अपनी देखभाल मैं नहीं कर पा रहा था।

मृतक ने लिखा कि मैं नहीं चाहता था कि मेरे जाने के बाद मेरी बेटी किसी पर बोझा बने, इसलिए यह कदम उठाया। पुलिस ने पीएम के बाद शव बड़ी बेटी और दामाद को सौंप दिया था, जिन्होंने पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया है। शर्मा एक सामाजिक संस्था से जुड़े थे, उस संस्था को भी दो लाख रुपए दान देनेे को वसीयत में लिखा है।
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पुलिस अब सुसाइड नोट और वसीयत की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने हरिकिशन शर्मा के घर से उनके हस्ताक्षर और उनकी लिखावट के कुछ पुराने दस्तावेज जब्त किए हैं, जिससे जांच में स्पष्ट हो सके कि सुसाइड नोट और वसीयत शर्मा ने ही लिखी है या किसी और ने।
 

चार पेज का मिला सुसाइड नोट
पुलिस को जांच में चार पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें यह पूरी बात लिखी है। नोट में असहनीय दर्द, हड्डियों की बीमारी और मानसिक बीमार बेटी को उनके मरने के बाद की चिंता स्पष्ट लिखी है। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं जो कुछ करने जा रहा हूं, अपनी मर्जी से और पूरे होशोहवास में करने जा रहा हूं। पुलिस का मानना है कि उन्होंने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ही यह कदम उठाया है। 

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