इतवार को सुबह फजिर की नमाज के बाद बयान में मौलाना जमशेद साहब ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं को खास एहतराम, हुकूक और उसके लिए खास दर्जे रखे गए हैं। औरत मां, बहन, बीवी और बेटी के रूप में कई तरह से लोगों की जिंदगी को संवारती है। इसी तरह दोपहर में जौहर की नमाज के बाद हुए बयान में मौलाना मोहम्मद सईद साहब कांधालवी ने एक अल्लाह पर यकीन और इसी से कामयाबी की बात कही। अल्लाह पर यकीन पक्का होगा तो दुनिया में हर चीज का खौफ मन से जाता रहेगा। जो कुछ करता है, अल्लाह ही करता है, इस बात पर यकीन पक्का कर लें। शाम को असीर की नमाज के बाद हुए मुख्तसिर बयान में हाफिज मंजूर साहब ने कहा कि जमातों में निकलना और लोगों को अच्छी बात सिखाना अल्लाह की रजा का रास्ता है।
मूलतः मथुरा के रहने वाले शमसुद्दीन कारोबारी सिलसिले को पार करते हुए ग्वालियर होते हुए भोपाल पहुंच गए हैं। पुराने शहर के बाशिंदे शमसुद्दीन बताते हैं दुनिया में सब कुछ जरूरी है, लेकिन उससे बड़ा काम दीन की खिदमत है। वे बताते हैं कि करीब 55 बरस से वे लगातार जमातों और इज्तिमा का हिस्सा बन रहे हैं। घर के सुकून से ज्यादा जमातों में रहने वाले 90 वर्षीय शमसुद्दीन महीने में तीन दिन, साल में चालीस दिन जमात में आवश्यक रूप से जाते हैं। इसके अलावा वे कई बार चार महीने के चिल्ले पर भी कई बार जा चुके हैं।
उम्र 40 के पार ही पहुंची है, लेकिन काजी सैयद अनस अली नदवी ने जमातों का रास्ता छोटी उम्र से ही इख्तियार कर लिया था। चार महीने, चालीस दिन और तीन दिन की इज्तिमा हाजिरी उनकी अल्पायु से ही शुरू हो गई थी। काजी अनस बताते हैं कि इंसान के दुनिया में आने का असल मकसद मौत के बाद की जिंदगी को संवारना है। जमातों के रास्ते इसी के लिए मेहनत की जा रही है।
8 वर्षीय मेहरान पहली बार इज्तिमा में शामिल होने पहुंचे हैं। कुरआन की तालीम से फारिग होने के बाद वे नमाजों की पाबंदी करते रहे हैं। तफरीह के बतौर कई बार अपने वालिद शकील खान के साथ इज्तिमागाह भी पहुंचे। लेकिन ये पहला मौका है, जब वे पूरे तीन दिन की जमात के साथ इज्तिमा में पहुंचे हैं। स्कूल से छुट्टी और अपनी दैनिक दिनचर्या को नजरंदाज कर मेहरान ने जमात में शरीक होने का मकसद बेहतर तरबियत और कुछ अच्छे सबक सीखना बताया।
एक कोशिश से बन गया इज्तिमागाह ग्रीन, क्लीन और डस्ट फ्री
आमतौर पर बड़े मजमों में होने वाली गंदगी, धूल के उड़ते गुबार, टायलेट से फैलती दुर्गंध और यहां वहां फैले कचरे के अंबार दिखाई दे जाते हैं। लेकिन ग्रीन, क्लीन और डस्ट फ्री की अवधारणा पर की गई कुछ सालों की कोशिशों ने अब इसके बेहतर परिणाम देना शुरू कर दिया है। लाखों लोगों की मौजूदगी वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा में इन सारी मुश्किलों से राहत मिलने लगी है। वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 के आदर्श को आगे रखकर की गईं व्यवस्थाओं से इज्तिमगाह साफ सुथरा भी नजर आया और यहां आने वाले मेहमानों के लिए बेहतर वातावरण भी पेश किया जा सका।
हाई टेक हो चुके युग के साथ कदम से कदम मिलाते हुए आलमी तबलीगी इज्तिमा प्रबंधन ने दो साल पहले इस के आयोजन के लिए कुछ नवाचार करने की तैयारी की थी। लाखों लोगों के बड़े मजमे से लोग बेहतर अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए खास योजना पर काम शुरू किया गया। प्रबंधन कमेटी ने बताया कि इज्तिमागाह पर जमातियों की सुविधा के लिए करीब 4500 अस्थाई टायलेट बनाए गए हैं। इनके अपशिष्ट को तीन चरणों में ट्रीटमेंट किया जाता। शहर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सलाहकार समिति के सदस्य सैयद इम्तियाज अली के मार्गदर्शन में किए गए इस प्रयास पीएचई के सब इंजीनियर वसी उद्दीन की खास निगरानी में इज्तिमागाह पर 3 प्लांट बनाए गए हैं। जिनसे ट्रीटमेंट होकर बदबू वाला पानी और ठोस अपशिष्ट आयोजन स्थल से दूर पहुंचा दिया जाता है। इस प्रक्रिया से आयोजन स्थल बदबू से पूरी तरह सुरक्षित रहने लगा है।
पंडाल में खास व्यवस्था
करीब 150 एकड़ एरिया में लगाए गए पंडाल में जगह जगह गीले और सूखे कचरे को फेंकने के लिए प्लास्टिक बकेट और बड़े बैग्स का इंतजाम किया गया है। इस व्यवस्था से कचरा यहां वहां फैलने से रोका जा रहा है।
धूल के गुबार से निजात
इज्तिमागाह के कच्ची जमीन पर बड़ी तादाद में लोगों की चहल पहल से उड़ने वाले धूल के गुबार रोकने के इंतजाम भी इज्तिमा प्रबंधन ने किए हैं। इसके लिए पूरे क्षेत्र में हर 4 घंटे में स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इज्तिमा शुरू होने से कई दिन पहले ये प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, जो आयोजन के दौरान भी सतत जारी है। इस व्यवस्था से एलर्जी, दमा, खांसी आदि के मरीजों को बड़ी राहत मिली है।
हजारों वालेंटियर्स तैनात
प्रबंधन ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए सैंकड़ों कार्यकर्ता सतत काम पर लगे हुए हैं। इसमें नगर निगम कर्मचारी और निजी वोलेंटियर्स शामिल हैं। इसके साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4500 वालेंटियर्स तैनात किए गए हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था देखने के लिए पूरे मार्ग पर 5000 से ज्यादा वालेंटियर पाबंद किए गए हैं। साथ ही इज्तिमागाह की व्यवस्था के लिए भी बड़ी तादाद में कार्यकर्ता सेवा में लगे हुए हैं।
ट्रेन में विशेष व्यवस्था
इधर, रेल प्रशासन ने भोपाल में इज्तिमा के चलते अतिरिक्त यात्री यातायात क्लियर करने के लिए गाड़ी संख्या 11272/11271 भोपाल-इटारसी-भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस में सामान्य श्रेणी का एक अतिरिक्त कोच अस्थायी रूप से लगाया है। यह अतिरिक्त कोच गाड़ी संख्या 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस में 11 एवं 12 दिसंबर को भोपाल स्टेशन से तथा वापसी में गाड़ी संख्या 11271 इटारसी-भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस में इटारसी स्टेशन से गन्तव्य के लिए लगाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए रूट परिवर्तित किए गए हैं।
भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट