मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में कुछ दिन बाकी हैं। ऐसे में कांग्रेस की छात्र विंग भी भाजपा सरकार को घेरने में पीछे नहीं है। एनएसयूआई ने गुरुवार को डे एनयूएलएम परियोजना में घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई। एनएसयूआई ने
नगरीय प्रशासन आयुक्त भरत यादव के कार्यालय के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई नेता रवि परमार ने कहा कि व्यापमं घोटाले, नर्सिंग घोटाले से भी बड़ा घोटाल डे एनयूएलएम परियोजना में हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में शिकायत करने के साथ साथ उग्र प्रदर्शन करेगी।
परमार ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से नगरीय प्रशासन आयुक्त को जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश में दलालों के माध्यम से कुछ फर्जी संस्थाओं द्वारा नगर पालिका के माध्यम से डे एनयूएलएम परियोजना में करोड़ो-अरबों रुपये का घोटाला किया है। परमार का दावा है कि वर्ष 2021-22 में नगर पालिका निगम भोपाल और अन्य नगर पालिकाओं द्वारा कई फर्जी संस्थाओं को डे एनयूएलएम परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्य दिया गया। इसमें संस्थाओं द्वारा फर्जी छात्र छात्राओं का पंजीयन कर प्रशिक्षण के फर्जी दस्तावेज और फर्जी फोटो-वीडियो बनाकर निगम से प्रशिक्षण कार्य के नाम करोड़ों रुपये की राशि वसूली गई।
परमार ने आगे बताया कि प्रशिक्षण केन्द्रों का समय समय पर निगम के जिम्मेदार अधिकारी जिसमें सामुदायिक संगठक (डे एनयूएलएम नगर निगम भोपाल) और जोन अधिकारी द्वारा निरीक्षण भी किया गया, लेकिन निरीक्षणकर्ता ने भी नियमों को अनदेखा कर नियम विरुद्ध फर्जी संस्थाओं से आपसी सांठगांठ और पैसों का लेन देन कर फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट जमा कर दी। निगम को गुमराह कर फर्जी संस्थाओं को करोड़ों रुपये लुटने में सहयोग प्रदान किया गया।
मिला जांच का आश्वासन
एनएसयूआई की मांग पर नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त भरत यादव ने आश्वासन देते हुए जल्द एक कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। आश्वासन में कहा गया कि फर्जी संस्थाओं जो प्रशिक्षण की राशि दी गई है। उसकी रिकवरी कर मुकदमा दर्ज कर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निगम के जो भी अधिकारी कर्मचारी इसमें संलिप्त होंगे उन पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।