मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों का भ्रमण करेंगे। भगवान श्रीकृष्ण के गौरवशाली इतिहास के महत्वपूर्ण प्रसंगों का स्मरण करते हुए जन्माष्टमी के अवसर पर सीएम ने इन स्थलों पर जाने का निर्णय किया है। अपने कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शनिवार को रायसेन जिले के महलपुर पाठा, धार जिले के अमझेरा और इंदौर जिले के जानापाव जाएंगे। साथ ही विभिन्न प्राचीन कृष्ण मंदिरों में दर्शन करेंगे। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, गोपाल मंदिर के अलावा महिदपुर के निकट स्थित नारायणा धाम, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का साक्षी रहा है। प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय के विकास के लिए न्यास भी गठित किया गया है। ऐसे स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्थलों के भ्रमण का उद्देश्य आज की पीढ़ी को समृद्ध इतिहास के अध्याय से परिचित करवाना है। ऐसे ऐतिहासिक महत्व के स्थानों को स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियो को भी इतिहास की जानकरी देने के लिए शैक्षणिक भ्रमण में शामिल किया जाता रहा है।
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728 वर्ष पुराना है रायसेन का प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना के लिए रायसेन के प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर जायेंगे। यह मंदिर 13वीं शताब्दी में निर्मित महलपुर पाठा गांव में स्थित है। यह ऐसा मंदिर है जहां राधा-कृष्ण और देवी रुक्मणि की मूर्ति एक ही श्वेत पत्थर पर बनी हुई है। इस मंदिर पर लगा एक शिलालेख इसके संवत 1354 यानी वर्ष 1297 में निर्मित किए जाने की जानकारी देता है। मंदिर के पास ही प्राचीन किला भी है, जहां परमार वंश के राजाओं का शासन रहा। राधा-कृष्ण मंदिर भी उसी काल का है। साथ ही मकर संक्रांति पर यहां बड़ा मेला भी लगता है। यहां विष्णु यज्ञ भी होता है। मंदिर के पास स्थित किले में 51 बावड़ियां हैं। पास के जंगल से जैन परंपरा के भगवान आदिनाथ की मूर्ति मिली थी, जो अब देवनगर में स्थापित है। मंदिर के पास में शिवलिंग, नंदी, गणेश और नाग देवता सहित नटराज की मूर्तियां हैं।
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