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Politics: भोपाल में शशि थरूर बोले- कांग्रेस के लिए मैं जो कर सकता हूं, वो खरगे नहीं

Sat, 15 Oct 2022 09:00 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

अखिल भारतीय कांग्रेस पद के लिए अपने समर्थन में वोट मांगने भोपाल पहुंचे सांसद शशि थरूर मीडिया के सवालों पर बोले, जिस तरह का स्वागत मेरा मध्यप्रदेश में हुआ, मैं कमलनाथ और गोविंद सिंह का आभारी हूं। साथ ही थरूर ने मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर बड़ी बात कही है।
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कमलनाथ और शशि थरूर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अखिल भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थन में वोट मांगने भोपाल पहुंचे सांसद शशि थरूर ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा, खरगे वैसा परिवर्तन नहीं ला सकते जैसा मैं ला सकता हूं। मैं परिवर्तन का उम्मीदवार हूं और खरगे नेतृत्व के नेता हैं। जैसा मैं सोचता हूं, वैसा परिवर्तन कांग्रेस और देश दोनों के लिए जरूरी है।

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थरूर ने कहा, भोपाल आकर मैं बहुत खुश हूं। यहां मुझे लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे के साथ राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के प्रचार करने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को देखना चाहिए कि कहां गलत हो रहा है। इसके हिसाब से कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा, यह कांग्रेस के आंतरिक चुनाव हैं। हम नई ऊर्जा के साथ चुनाव में आमजन के पास जाएंगे। इन चुनावों में खरगे साहब की जीत हो या मेरी सवाल यह नहीं है। हम पार्टी की मजबूती के लिए हैं। मीडिया को सवालों पर थरूर ने कहा, इस चुनाव से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस की मजबूती बढ़ती जा रही है। आप देखिए कि हमारे देश में कोई ऐसी पार्टी नहीं है।
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'इस हालत में हम कब तक रहेंगे'
थरूर ने कहा, साल 2014 और इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 19 फीसदी वोट मिले। इस हालत में हम कब तक रहेंगे। इसका एक ही इलाज है कि हमें जनता को दिखाना होगा कि कांग्रेस पार्टी दोबारा आकर्षित पार्टी बन रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव पर शशि थरूर ने कहा, आज हम कार्यकर्ताओं से पूछ रहे हैं कि आप क्या चाहते हो? हमें जवाब देने का मौका भी मिल रहा है। पार्टी के मूल्य पार्टी के सिद्धांत हैं। पार्टी के बड़े फैसले लेने में कार्यकर्ताओं की राय ली जाए, ये सोच कांग्रेस पार्टी में नहीं है। ये पार्टी की बहुत बड़ी कमी है। कार्यकर्ताओं की हमेशा शिकायत रहती है कि कांग्रेस हाईकमान या नेतृत्व से कभी बात या मुलाकात नहीं हो पाती है। ऐसे में उन्हें स्टेक होल्डर्स होने का एहसास नहीं होता है।

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