आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि विश्व में मजहबी कट्टरवाद फैल रहा है। यह मानव समाज के लिए खतरा है। वहीं, उन्होंने कहा कि मशीन को मनुष्य पर हावी नहीं होने देना है।
सोमवार को भारतीय मजदूर संघ की स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने पर भोपाल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संघ और उससे संबंधित संगठनों के देश भर के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, भारतीय मजदूर संघ के पालक अधिकारी, संघ के पूर्व सह सरकार्यवाह वी. भागय्या, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय सहित अन्य वरिष्ठजन उपस्थित थे।
संस्कृति पर लगातार हो रहे हमले
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि थिंक ग्लोबली एक्ट लोकली उद्योग में मालिक और श्रमिक अलग-अलग वर्ग नहीं हैं। इसी तरह ब्लू कॉलर और व्हाइट कॉलर को काम करना है। परिवार संघर्ष से नहीं समन्वय से चलता है। इस बात को भारतीय मजदूर संघ ने अंगीकार किया है। उन्होंने कहा कि संस्कृति पर भी लगातार हमले हो रहे हैं। भारतीय सभ्यता पर हमले हो रहे हैं। हमें इसे भी देखना होगा।
मजदूर संघ की स्थापना और संघर्ष की जानकारी दी
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ की स्थापना और संघर्ष की जानकारी दी गई। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरन्मय पंड्या ने कार्यकर्ताओं को बताया गया कि भोपाल में ही 23 जुलाई 1955 को दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भामसं की स्थापना की थी। उन्होंने कहा था कि नए संगठन की मान्यता है 'अधिकार और कर्तव्य पर ट्रेड यूनियनें समान आग्रह रखें। व्यक्तिगत नेतागिरी, राजनीतिक दलगत स्वार्थ, मालिक, सरकार और विदेशी विचारधारा के प्रभाव से मुक्त रहें। संगठन राजनैतिक दल निरपेक्ष सभी राष्ट्रवादी तत्वों के लिए एक सामान्य मंच के नाते कार्य करें। राष्ट्र संस्कृति एवं परंपरा के आलोक में मजदूरों का मजदूरों के लिए और मजदूरों द्वारा चलाई गई संस्था की भूमिका का निर्वाह करे और मजदूरों का संपूर्ण राष्ट्र के साथ मनोवैज्ञानिक तादात्म्य स्थापित करते हुए अधिकतम उत्पादन द्वारा राष्ट्रोत्थान के कार्य में महत्पूर्ण सहयोग देने में सहायक सिद्ध हों।
30 वर्षों से भामसं देश का लगातार सबसे बड़ा केंद्रीय श्रमिक संगठन
मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजन नायर ने बताया कि आज संगठन अपने निर्माण के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, तो इसके साथ 5,778 से अधिक ट्रेड यूनियनें, 40 से अधिक अखिल भारतीय औद्योगिक महासंघ, पूरे देश में 170 से अधिक पूर्ण कालिक कार्यकर्ता, प्रत्येक प्रदेश में प्रादेशिक कार्यालय और प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला कार्यालय सक्रिय हैं। पिछले 30 वर्षों से यह देश का लगातार सबसे बड़ा केंद्रीय श्रमिक संगठन बना हुआ है। भारतीय मजदूर संघ 1980 में देश का द्वितीय क्रम का संगठन बना, 1989 और 2002 में सभी केंद्रीय श्रम संगठनों को पीछे छोड़ते हुए लगातार दूसरी बार प्रथम क्रम का संगठन बना, जो आज भी बरकरार है।