उप्र के कई शहरों के नाम बदलने के बाद अब मध्य प्रदेश में यह सिलसिला जोर पकड़ रहा है। जिन शहरों के नाम मुगल व अंग्रेजों के राज के प्रतीक बने हुए हैं, उन्हें बदल कर सांस्कृतिक बदलाव की तैयारी हो रही है। इसकी शुरुआत होशंगाबाद से हो चुकी है, जिसका नाम बदलकर नर्मदापुरम करने की घोषणा सीएम शिवराज सिंह चौहान हाल ही में कर चुके हैं। इसी तरह भोपाल को भू-पाल, ग्वालियर को गोपांचल तो जबलपुर को जबालिपुरम नाम देने की तैयारी है।
एक दर्जन शहरों के बदलेंगे नाम
जानकारी के अनुसार मप्र की भाजपा सरकार करीब एक दर्जन शहरों के नाम बदलने जा रही है। इनमें राजधानी भोपाल से लेकर महेश्वर व ग्वालियर तक शामिल हैं। कहा जा रहा है कि इन शहरों के नाम बदलने की कवायद वहां के लोगों की मांग पर हो रही है। यह प्रक्रिया स्थानीय निकायों द्वारा प्रस्ताव पारित करने से शुरू होती है और राज्य शासन की अंतिम मुहर के बाद पूरी होती है।
ईदगाह हिल्स नहीं गुरु नानक टेकरी
राजधानी भोपाल का नाम राजा भोज के नाम पर भोजपाल करने के लिए स्थानीय नगर निगम प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन को भेज चुकी है। इसी तरह भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा शहर के ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी करने की मांग कर रहे हैं। कहा जाता है कि सिखों के पहले गुरु नानक देवजी यहां रुके थे। यहां उनके पैरों के निशान हैं।
भू-पाल से भोपाल कहलाने की रोचक है कहानी
इतिहासकारों के अनुसार भोपाल को 11वीं सदी में राजा भोज ने बसाया था। तब इसका नामकरण भू-पाल रखा गया था। इतिहासकारों का कहना है कि उस वक्त की किताबों में इसका जिक्र है। मुगलकाल में 1720 में नए सिरे से शहर बसाया गया। इसके बाद नाम बदकर भोपाल हो गया।
इन शहरों के ये हो सकते हैं नए नाम
| वर्तमान नाम |
संभावित नया नाम |
| भोपाल |
भू-पाल या भोजपाल |
| जबलपुर |
त्रिपुरी या जबालिपुरम |
| ग्वालियर |
गोपांचल |
| विदिशा |
भेलसा या विदावती |
| सीहोर |
सीधापुर |
| ओंकारेश्वर |
मांधाता |
| दतिया |
दिलीप नगर |
| महेश्वर |
महिष्मति |