मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
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हरदा में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भाजपा के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। जहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया है, वहीं भाजपा के ही विधायक चिंतामणि मालवीय ने पुलिस की कार्रवाई को दुखद और टालने योग्य बताया है। मध्यप्रदेश शासन के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस तरह से धरातल पर विकास कार्य कर रही है, उसे जनता और समाज का पूर्ण समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि समाज अब जागरूक है और किसी भी राजनीतिक बहकावे या अफवाहों में आने वाला नहीं है। मंत्री राजपूत ने कहा कि कांग्रेस के वे नेता जो वर्षों तक समाज को गुमराह करते रहे हैं, आज उनके षड्यंत्र और झूठ बेनकाब हो चुके हैं। समाज अब इन साजिशों का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाज के युवाओं की कोई मांग है, तो सरकार उनसे संवाद भी करेगी और समाधान भी देगी। भाजपा सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं करती, बल्कि वास्तविक और जमीनी स्तर पर काम करती है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विश्वास के साथ कहा कि जनता और समाज का भरोसा भाजपा सरकार के साथ पहले भी था, आज भी है और आगे भी बना रहेगा।
खंडेलवाल ने कांग्रेस पर बोला हमला
दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पूरे मामले की ज़िम्मेदारी कांग्रेस पर डालते हुए कहा कि कांग्रेस अब सामाजिक वैमनस्य फैलाकर अपनी डूबती राजनीति को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर एक सामान्य विवाद को सामाजिक और सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया। खंडेलवाल ने आगे लिखा कि हरदा की घटना कुछ व्यक्तियों के बीच लेन-देन का निजी विवाद थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे भड़काने और समाज को भ्रमित करने की कोशिश की। यह सब सिर्फ विकास और सुशासन की बहस से ध्यान भटकाने के लिए किया गया।
प्रदेश में कानून का राज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में कानून सभी के लिए समान है और कोई भी सामाजिक विद्वेष फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसे कानून का सख्त सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सख्त भी है और संवेदनशील भी। प्रदेश की शांति और एकता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे कांग्रेस कितनी भी साजिश रचे।"
भाजपा विधायक का विरोधाभासी बयान
आलोट से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि "हरदा में बर्बर लाठीचार्ज दुखद और पीड़ादायक है। इसे टाला जा सकता था। उनकी यह टिप्पणी साफ तौर पर पुलिस प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े करती है।
यह है मामला
हरदा में शनिवार को उस समय बवाल मच गया जब करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने धारा 420 के एक आरोपी को कोर्ट में पेश करने के दौरान पुलिस से आरोपी को उनके हवाले करने की मांग की। दरअसल, यह मामला 18 लाख रुपये के नकली हीरे की बिक्री से जुड़ा है, जिसमें आशीष राजपूत नामक व्यक्ति ने कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की FIR दर्ज करवाई थी। पुलिस ने इंदौर से आरोपी मोहित वर्मा को गिरफ्तार कर हरदा लाया था। करणी सेना के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस आरोपी को संरक्षण दे रही है और उसे छोड़ने के लिए पैसे ले रही है। उनका दावा है कि विवेचना अधिकारी ने 2.80 लाख रुपये में समझौता करने की कोशिश की। जब पुलिस ने आरोपी को उनके हवाले नहीं किया, तो कार्यकर्ताओं ने थाने और कोर्ट के बाहर हंगामा किया, चक्काजाम किया, और पुलिसकर्मियों से झूमा-झटकी की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग किया। करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत सहित करीब 50 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस जाम लगाने वालों पर भी FIR की तैयारी में है।