मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि पूरे प्रदेश में हालात बदल गए। पिछले 24 घंटों के दौरान 41 जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई, जबकि 12 जिलों में ओलावृष्टि हुई। इस बदलाव ने जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम जनजीवन के सामने नई मुश्किलें खड़ी कर दीं। बारिश और ओलों की मार से गेहूं सहित कई रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई क्षेत्रों में खड़ी फसल गिर गई और पानी भरने से खेतों की हालत बिगड़ गई है। किसान अब अपनी फसल बचाने को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
63 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा
प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए। नर्मदापुरम में सबसे अधिक 63 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की गई। इसके अलावा भोपाल में 54 किमी/घंटा, सीहोर में 52, अशोकनगर और कटनी में 48, सागर में 44 तथा गुना और सीधी में 41 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
तापमान में गिरावट, कई शहरों में राहत
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। भोपाल में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में थोड़ा कम रहा। इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.6 डिग्री और उज्जैन में 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं नर्मदापुरम में पारा 40.3 डिग्री के साथ सबसे अधिक रहा, जबकि पहाड़ी क्षेत्र पचमढ़ी में तापमान 32.2 डिग्री तक सीमित रहा, जिससे ठंडक का असर महसूस हुआ।
रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव
रात के तापमान में भी बदलाव देखा गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री, इंदौर में 22 डिग्री और ग्वालियर में 21.1 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे रातें अपेक्षाकृत ठंडी हो गई हैं।
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अगले 3 दिन भी मौसम रहेगा बदला
मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश में मौसम का यह मिजाज अभी कुछ दिन और बना रहेगा। 2 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे फिर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
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क्यों बिगड़ा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में एक साथ दो सिस्टम सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने हालात को और ज्यादा अस्थिर कर दिया है। यही वजह है कि प्रदेश में एक साथ गर्मी, बारिश और ओले जैसे हालात बन रहे हैं। यह स्थिति 3 अप्रैल तक बनी रह सकती है।