मध्यप्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से भारी बारिश का दौर चल रहा है। बुधवार को प्रदेश के 22 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा श्योपुर में पौने दो इंच बारिश दर्ज की गई। जबकि पचमढ़ी, रतलाम-नरसिंहपुर में 1 इंच, इंदौर, खरगोन, भोपाल, ग्वालियर-शिवपुरी में पौन इंच, उज्जैन, दमोह और रायसेन में आधा इंच से अधिक पानी गिर गया। गुना में आधा इंच बारिश हुई। बैतूल, दतिया, छिंदवाड़ा, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, नर्मदापुरम, शाजापुर, उमरिया समेत कई जिलों में बारिश होती रही। राजधानी भोपाल में दिन भर भार कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही।
बरगी बांध के 9 गेट खोले गए
इधर जलस्तर बढ़ने से जबलपुर में बरगी बांध के 9 गेट खोले गए। डैम में कुल 21 गेट हैं। इनमें से 9 खोले गए हैं, बाकी 12 से भी पानी लीक हो रहा है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के तीन गेट, शिवपुरी में अटल सागर बांध मडीखेड़ा के दो, ग्वालियर में तिघरा डैम के 7 जबकि तवा डैम के 5 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। हरदा में बारिश के चलते अजनाल, मटकुल, देदली, माचक और गंजाल नदियां उफान पर हैं।
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एमपी से गुजर रही मानसून ट्रफ
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश से दो ट्रफ गुजर रही हैं। इनमें से एक मानसून ट्रफ है। इस वजह से मंगलवार को कई जिलों में बारिश हुई। सिस्टम की बुधवार को भी एक्टिविटी रहेगी। जिससे कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।
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मध्य प्रदेश में अब तक 38.2 इंच गिरा पानी
मौसम विभाग के अनुसार, एमपी में अब तक 38.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 104 प्रतिशत है जबकि अब तक 31.5 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 58.27 इंच बारिश हो चुकी है।