उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते मध्यप्रदेश में अब गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी है। मानसून धीरे-धीरे विदा हो रहा है और प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान में गिरावट के साथ ठंडी और ताज़गीभरी हवाओं ने लोगों को राहत पहुंचाई है।मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहरों में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है। इंदौर में तापमान 15.5 डिग्री और उज्जैन में 18.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा 14.6 डिग्री तक पहुंच गया।
हल्की बारिश ने मौसम को और भी मनभावन बनाया
पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में रुक-रुक कर बारिश भी जारी है। बालाघाट, मंडला और सिवनी जैसे जिलों में हुई हल्की बारिश ने मौसम को और भी सुहाना बना दिया है, वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य जिलों में तेज धूप के साथ हल्की ठंडक का मज़ा लिया जा रहा है।
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मानसून ले रहा विदाई
प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों से मानसून विदा हो चुका है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, धार, बुरहानपुर, विदिशा, बैतूल समेत कई जिलों में मानसून ने विदाई ली। बाकी बचे जिलों में भी अगले 1-2 दिन में मानसून पूरी तरह विदा ले लेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 3 दिनों तक पूर्वी जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि बाकी प्रदेश में मौसम साफ और ठंडा बना रहेगा। ठंडी हवाओं के कारण सुबह-शाम की ठंडक और बढ़ेगी।
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बारिश का लेखा-जोखा
इस साल मानसून के दौरान सबसे ज्यादा बारिश गुना में दर्ज हुई 65.6 इंच! मंडला, रायसेन, श्योपुर और अशोकनगर जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। वहीं कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार शामिल हैं, लेकिन इन जिलों में भी जल स्तर सामान्य बना रहा। मानसून की शुरुआत में इंदौर संभाग में बारिश की कमी चिंता का विषय थी, लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश ने तस्वीर बदल दी। अब इंदौर समेत पूरे संभाग में बारिश का आंकड़ा संतोषजनक स्तर पर पहुंच चुका है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में मानसून ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इन इलाकों में तेज बारिश हुई और कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी सभी 8 जिलों ने अपने बारिश के लक्ष्य को पार कर लिया है।