मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है। नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने की भी योजना है। प्रदेश में फिलहाल 8 एयरपोर्ट, 20 से ज्यादा एयरस्ट्रिप और करीब 220 हेलीपैड हैं। 2023-24 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो प्रमुख एयरपोर्ट थे। इसके बाद रीवा, दतिया और सतना को भी एयरपोर्ट नेटवर्क से जोड़ा गया। उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट का काम चल रहा है। इनके पूरा होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।
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पांच नए एयरपोर्ट की मंजूरी प्रक्रियाधीन
सरकार के अनुसार पांच नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा उड़ान योजना के तहत सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।
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सिंहस्थ से पहले उज्जैन में तैयार होगा एयरपोर्ट
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। आरसीएस उड़ान 5.2 के तहत शुरुआती चरण में 1800 मीटर लंबा रनवे बनाया जा रहा है। भविष्य में इसकी लंबाई 2700 मीटर तक बढ़ाई जाएगी। उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट का काम पूरा होने के बाद प्रदेश में कुल 10 एयरपोर्ट हो जाएंगे।
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इंदौर से अबूधाबी सीधी उड़ान
प्रदेश से अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क भी बढ़ रहा है। इंदौर से पहले दुबई के लिए उड़ान शुरू हुई और अब अबूधाबी से भी सीधा हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। सरकार के मुताबिक इंदौर-अबूधाबी उड़ान मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान है। करीब 3 घंटे 15 मिनट की इस उड़ान से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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एयर एंबुलेंस से अब तक 186 मरीजों को मदद
प्रदेश में 29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा संचालित है। आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश और प्रदेश के बाहर शासकीय तथा आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों तक निशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा मिलती है। सरकार के अनुसार अब तक 186 मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को इसका लाभ मिल चुका है।
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हेली पर्यटन से 5200 से ज्यादा यात्रियों ने की यात्रा
पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के जरिए धार्मिक, हेरिटेज और वाइल्डलाइफ पर्यटन को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर, भोपाल-चंदेरी-ओरछा और जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़ सेक्टर इसके तहत शामिल हैं। सरकार के अनुसार अब तक 5200 से ज्यादा यात्री हेली सेवा का इस्तेमाल कर चुके हैं और 680 से अधिक जॉय राइड संचालित हुई हैं।
चार्टर्ड विमान पर निर्भरता घटाने की तैयारी
राज्य सरकार को नया शासकीय विमान भी मिलने जा रहा है। सरकार का कहना है कि कोविड-19 के दौरान रेमडेसिविर की आपूर्ति के दौरान शासकीय विमान क्षतिग्रस्त होने के बाद से चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है। नए शासकीय विमान के आने से विमान संचालन पर होने वाला खर्च घटकर मौजूदा खर्च का करीब एक तिहाई रह जाने का दावा किया गया है। इस तरह एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के विस्तार के साथ सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरदराज के इलाकों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। सिंहस्थ-2028 और बढ़ती पर्यटन, स्वास्थ्य तथा निवेश गतिविधियों के बीच इसे राज्य के विमानन ढांचे के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।