मंत्री जगदीश देवड़ा आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबार और प्रतिबंधित अहातों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के सभी संभागीय आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध रूप से संचालित अहातों को तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने साफ कहा कि दोबारा ऐसी घटना सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देवड़ा मंगलवार को आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय कामकाज और आबकारी अपराधों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आबकारी नीति में अहातों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद यदि किसी जिले में शराब दुकानों के आसपास बिना अनुमति शराब पिलाई जा रही है तो संबंधित लाइसेंसधारी के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।
ये भी पढ़ें-
हर गांव-वार्ड में जलेंगे ‘आशीर्वाद के दीये’: सीएम बोले- PM मोदी के जन्मदिन पर MP में दीपावली जैसा उत्सव
अवैध शराब पर उत्पादन से बिक्री तक नजर
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अवैध शराब के उत्पादन, संग्रहण और बिक्री पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच और निगरानी करने को कहा। आदतन आबकारी अपराधियों पर भी नजर रखने और जरूरत पड़ने पर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ बेहतर समन्वय करने और विभाग के सूचना तंत्र को मजबूत करने को कहा, ताकि अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों की समय पर जानकारी मिल सके।
ये भी पढ़ें-
एमपी: ओवैसी का UCC पर बड़ा बयान, बोले- एक धर्म के कानून दूसरे पर थोपना गलत; BJP सहयोगियों से विरोध की अपील
ओवररेटिंग मिली तो तत्काल कार्रवाई
देवड़ा ने शराब दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने यानी ओवररेटिंग को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अवैध गतिविधियों और ओवररेटिंग की शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर जल्द जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा गया।
ये भी पढ़ें-
मध्य प्रदेश: उज्जैन में बनेगी सीमेंस एनर्जी की बड़ी यूनिट, 2,053 करोड़ का निवेश; 1,500 से ज्यादा को रोजगार
धार्मिक और पवित्र क्षेत्रों में भी निगरानी
बैठक में धार्मिक स्थलों और शासन द्वारा चिन्हित पवित्र नगरीय क्षेत्रों में शराब बिक्री पर रोक का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए। देवड़ा ने मंदसौर, जबलपुर और नर्मदापुरम सहित कई स्थानों से मिली शिकायतों का जिक्र करते हुए अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
ये भी पढ़ें-
एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 42,490 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर, शिक्षा से सिंचाई तक कई योजनाओं को मंजूरी
लापरवाही पर अफसर भी जिम्मेदार
देवड़ा ने कहा कि आबकारी अधिकारियों को पदोन्नति के साथ बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उनसे जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपेक्षा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद रखने और आम लोगों की शिकायतों का समय पर निराकरण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब, प्रतिबंधित अहातों और आबकारी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।