सीएम डॉ. मोहन यादव
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कृषि नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें पेडी ट्रांसप्लांटर, ड्रोन, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रीपर, बेलर और लेजर लैंड लेवलर जैसी तकनीकें प्रदर्शित की गईं। साथ ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी, प्राकृतिक खेती और मत्स्य पालन के नवाचार भी दर्शाए गए। बालाघाट को प्रदेश का 'धान का कटोरा' बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 1.5 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में धान की खेती होती है और हर सीजन में लगभग 5 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है। उन्होंने किसानों को गेहूं और सोयाबीन पर अतिरिक्त बोनस देने की भी घोषणा की।
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युवाओं और महिलाओं के लिए भी कई पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडली बहनों को रक्षाबंधन पर 1,500 रुपये दिए गए थे और अब दीपावली से हर माह 1,500 रुपये दिए जाएंगे। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3,000 रुपये की जाएगी। गौ पालन और संरक्षण के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का भी प्रचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई गाय पालकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाएं और प्राकृतिक खेती अपनाएं। इसके साथ ही गौशालाओं को अधिक अनुदान और नई बड़ी गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बालाघाट के युवाओं ने क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े युवा अब अपने गांवों और जंगलों की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन के प्रयास लगातार जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और युवाओं को दीपावली से पहले बड़े तोहफे दिए और राज्य में कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य और महिला कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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