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MP Politics: नाथ के साथ फिर हुई 'कमल' पर बात, कैलाश के बयान से बढ़ीं सरगर्मियां; पढ़े तारीफों के कसीदे

Wed, 08 May 2024 11:51 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Politics: लोकसभा चुनाव के ऐलान से पहले तेजी से चली कमलनाथ के बीजेपी के साथ जाने की चर्चा एक बार फिर गर्म है। इस बार नाथ का भाजपा के साथ नाम जोड़ते हुए उन्हीं कैलाश विजयवर्गीय ने तारीफों के पुल बांधे हैं, जो कभी कमलनाथ के भाजपा आने की खबरों पर तल्ख टिप्पणी दे रहे थे।
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कमलनाथ और कैलाश विजयवर्गीय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चुनावी माहौल में सक्रियता बनाए हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की जमकर तारीफ की हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छे व्यक्ति हैं। अगर वे भाजपा में आते तो उनका स्वागत होता। कैलाश ने इस बात को भी रेखांकित किया कि भाजपा में हर किसी के लिए जगह नहीं है। गौरतलब है कि जिस समय कमलनाथ के भाजपा ज्वॉइन करने की चर्चाएं तेज थीं, तब कैलाश विजयवर्गीय ने इस बात का पुरजोर विरोध भी किया था और इन खबरों का खण्डन भी किया था।

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न्यू ज्वाइनिंग टीम के सहयोगी हैं कैलाश
पिछले दिनों मप्र में चले घटनाक्रम में बड़ी तादाद में कांग्रेस नेता अपनी पार्टी से नाराज होकर भाजपा की तरफ बढ़े हैं। हालांकि न्यू ज्वाइनिंग टीम का अगुआ पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को कहा जा रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया में कैलाश विजयवर्गीय की भी बड़ी भूमिका बताई जाती है। कैलाश के हिस्से सबसे बड़ी ज्वाइनिंग के रूप में इंदौर के कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम का बीच चुनाव अपनी पार्टी से विमुख हो जाना है।



कांग्रेस को लग चुके कई झटके
भाजपा द्वारा कांग्रेस नेताओं को जीतने की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी से लेकर कई विधायक तक शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक मप्र में महज 38 दिन में 3 कांग्रेस विधायकों ने पाला बदला है। बीच चुनाव कांग्रेस विधायकों ने हाथ का साथ छोड़ा है। इन सभी ने कांग्रेस की रीति नीति से खफा होने का हवाला दिया है। गौरतलब है कि 5 मई को बीना विधायक निर्मला सप्रे बीजेपी में शामिल हुईं। इससे पहले 30 अप्रैल को विधायक रामनिवास रावत ने पार्टी पर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ी थी। जबकि 29 मार्च को कमलेश शाह ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। उन्होंने कांग्रेस पर जनप्रतिनिधियों और आदिवासियों के अपमान का आरोप लगाया था।
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भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट

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