रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा सीट से भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोडियार विधायक चुने गए हैं। गुरुवार रात को डोडियार ने भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और उनके सामने मंत्री बनने की इच्छा जाहिर की। अमर उजाला ने कमलेश्वर डोडियार से उनके विधायक बनने और सीएम से मुलाकात तक को लेकर बातचीत की।
कमलेश्वर के छह भाई और तीन बहनें है। भाइयों में वे सबसे छोटे हैं। परिवार में सभी लोग खेती और मजदूरी करते हैं। सैलाना विधानसभा में ही राधाकुआं गांव में कमलेश्वर अपनी पत्नी अंजली और छह माह के बेटे कबीर के साथ रहते हैं। कमलेश्वर के विधायक चुने जाने पर उनकी मां ने कहा कि अच्छा है, अब मजदूरी करने नहीं जाना पड़ेगा।
डोडियार से हुई चर्चा के प्रमुख अंश :
सवाल: आपने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की? आपकी क्या बातचीत हुई।
कमलेश्वर- मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंत्री बनने की इच्छा जाहिर की है। मैं पढ़ा लिखा हूं। आदिवासी परिवार से हूं। गरीबी देखी है। मैंने उनसे जनजातीय, वन, पंचायत या सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी देने की मांग की है। उन्होंने मुझे अभी विभाग को समझने की बात कहकर जिम्मेदारी देने का आश्वासन दिया है।
सवाल: आप भारत आदिवासी पार्टी के विधायक हैं। भाजपा के पास बहुमत है। आपको क्यों मंत्री बनाएंगे?
कमलेश्वर- मैंने मुख्यमंत्री को बताया कि जब देश आजाद हुआ था तो कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर को कानून मंत्री बनाया था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मंत्री पद दिया था। ऐसे में मुझे क्यों नहीं दिया जा सकता।
सवाल: आप अपने गांव 350 किमी दूर से बाइक से भोपाल आए। अब विधायक बन गए। कार खरीदेंगे?
कमलेश्वर- मेरी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भोपाल से सैलाना जाने के लिए कार का इंतजाम करने की बात कही है। मुझे विधानसभा सचिवालय से बताया गया कि गाड़ी खरीदने के लिए लोन मिलता है। मैं जनता की समय पर सेवा के लिए अपने अधिकार का उपयोग करुंगा।
सवाल : गांव में आपका परिवार झोपड़ी में रहता है। आप पढ़े लिखे हैं पीएम आवास योजना में केंद्र सरकार पक्का घर बनाने सहायता करती है?
कमलेश्वर- मुझे उस योजना का लाभ नहीं मिला। निचले स्तर पर पर बहुत भ्रष्टाचार है। जिसके कारण सरकार की योजना का लाभ पात्र तक नहीं पहुंच पाता है।
सवाल: आप पर दुष्कर्म जैसे आरोप लगे, आपको जिलाबदर किया गया?
कमलेश्वर- यह सब आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। यह सब मुझे फंसाने के लिए विरोधियों का षड्यंत्र है। इसके अलावा दूसरे केस मैंने गरीबों के न्याय के लिए आवाज उठाई तो मेरे खिलाफ दर्ज करा दिए गए।
सवाल: पैसे उधार लेकर विधायक का चुनाव लड़ने पर आपको डर नहीं लगा? विधायक बनने की प्रेरणा कहां से मिली?
कमलेश्वर- देखिए, मैं आदिवासी और गरीब हूं। हमेशा संघर्ष किया है। कभी मन में हारने की भावना ही नहीं आई। आगे बढ़ने के बारे में सोचा। मैंने 2008 में विधायक बनने का सोच लिया था। उस समय अमेरिका के चुनाव में बराक ओबामा को देखकर प्रेरित हुआ था। उनका परिवार केन्या छोड़कर अमेरिका में जाकर बसा। वहां संघर्ष करके ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए।
सवाल: आपके विधायक बनने पर माता और पिता की क्या प्रतिक्रिया थी?
कमलेश्वर- विधायक बनने पर मां के शब्द थे कि अब मजदूरी करने नहीं जाना पड़ेगा। पिता ने कहा इतने लोगों ने विधायक बनाया है तो उनकी सेवा करना।