मध्य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बीच सियासी नोंकझोंक जारी है। शनिवार को सीएम के सवाल पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने बयान दिया था। इस पर फिर शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है। शिवराज ने कहा, ''तुम लोगों को भ्रमित करते रहो। झूठ बोलो और हम तुमसे सवाल भी ना पूछें ? कमलनाथ ने सीएम के सवाल पर कहा था कि मुख्यमंत्री का काम सवाल करना नहीं होता।
रविवार को सीएम शिवराज ने भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में तंजानिया के प्रतिनिधि मंडल के साथा पौधारोपण किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ''हमने कमलनाथ जी से सवाल पूछा तो वो बौखला गए और बोले मुख्यमंत्री कोई सवाल पूछता है क्या?'' शिवराज ने इसके जवाब में कहा, ''तुम जनता को भ्रमित करते रहो। झूठ बोलते रहो और हम तुमसे पूछे भी नहीं ?'' सीएम ने कमलनाथ का नाम लेकर कहा, ''तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि काफिला क्यों लुटा। वादे पूरे क्यों नहीं किए ?
जवाब देना पड़ेगा, जनता जवाब चाहती : शिवराज
सीएम ने कहा, ''मैं फिर कह रहा हूं, कल मैंने पूछा था कि कांग्रेस ने 2018 में किसानों को वचन दिया था। गेहूं, चना, सरसों से लेकर सभी फसलों पर बोनस देंगे। धेला नहीं दिया। अब फिर भरमाने निकले हैं। जवाब देना पड़ेगा। पहले किये वादे पूरे क्यों नहीं किए। बोनस देने का वादा किया था, उसका जवाब दो। आज दूसरा सवाल फिर पूछ रहा हूं और हम फिर पूछेंगे। दुध उत्पादक कृषकों को दुग्ध संघ के माध्यम प्रति लीटर 5 रुपये बोनस देंगे। 15 माह की सरकार में बोनस दिया क्या? जवाब देना पड़ेगा। जनता जवाब चाहती है।''
कल से हिंदुस्तान का दिल धड़का दो
''खेलो इंडिया गेम्स'' को लेकर सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि यह मध्य प्रदेश का सौभाग्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए सीएम ने कहा कि खेला इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी मध्य प्रदेश को दी है। धूमधाम खेलो इंडिया का आगाज मध्य प्रदेश में होने जा रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर पधार रहे हैं। कल से हिंदुस्तान का दिल धड़का दो 13 दिन के लिए शुरू हो जाएगा।
उमा दीदी समाज सुधारक
उमा भारती के शराबबंदी को लेकर धरने पर सीएम चौहान ने कहा, ''उमा दीदी बहुत सम्मानित नेता हैं। केवल नेता नहीं समाज सुधारक हैं। हम सब उनको आदर और सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। उन्होंने पहले भी कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। चाहे राम मंदिर आंदोलन हो या बाकी सामाजिक, आध्यामिक आंदोलन हो। वे सदैव उनके विचारों का आदर करते हैं।''