पुलिस ने प्रदेश भर में चलाया कांबिंग ऑपरेशन।
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अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस एक्शन में है। प्रदेश में लगातार अपराधियों की धरपकड़ जारी है। इसी अनुक्रम में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात प्रदेश भर की पुलिस एक साथ, एक ही समय पर नाइट कांबिंग ऑपरेशन पर निकली। डीजीपी सुधीर सक्सेना के मार्गदर्शन में हुए इस नाइट कांबिंग ऑपरेशन में सभी जिलों में आईजी, डीआईजी, एसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी, भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के सभी अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
इस ऑपरेशन में प्रदेश के 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 370 डीएसपी और उच्च स्तर के अधिकारी भी सम्मिलित रहे। डीजीपी स्वयं रात भर सड़कों पर रहे और उन्होंने रात 1 बजे बीएनपी देवास, ढाई बजे कोतवाली सीहोर और चार बजे कोहेफिजा थाना पहुंचकर नाइट कांबिंग ऑपरेशन का जायजा लिया। साथ ही रात्रि में ही जोनल आईजी से बात कर उनके जिलों में नाइट कांबिंग ऑपरेशन की जानकारी ली।
रात भर चली गश्त में पकड़ाए अपराधी और वारंटी
कांबिंग गश्त के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर अधिक से अधिक पुलिस बल को एकत्रित कर विस्तार से ब्रीफिंग की गई और कार्रवाई की जानकारी देकर अलग-अलग टीम बनाकर कांबिंग गश्त के लिए रवाना किया। पूरी रात चली इस गश्त के दौरान लगभग 8 हजार अपराधी और वारंटी पकड़े गए। इस प्रदेशव्यापी कांबिंग गश्त के दौरान गिरफ्तारी वारंट के लगभग 5 हजार से अधिक अपराधियों, लगभग 2500 स्थायी वारंटियों, लगभग 75 फरार अपराधियों तथा 1800 से ज्यादा जिलाबदर अपराधियों की चेकिंग की गई। इस दौरान जिला बदर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाए गए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
125 से अधिक इनामी बदमाशों को किया गिरफ्तार
विभिन्न अपराधों में फंसे 125 से अधिक ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इनाम घोषित था। साथ ही 650 से अधिक अन्य वांछित अपराधियों को कांबिंग अभियान में पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई है।
नाइट कांबिंग ऑपरेशन में रखी गई पूर्ण सतर्कता
प्रदेशव्यापी नाइट कांबिंग ऑपरेशन में पुलिस को कानूनी प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करने को निर्देशित किया गया था और इस बात का विशेष ध्यान रखने के लिए भी निर्देशित किया गया था कि किसी के भी साथ अभद्रता न हो। महिलाओं और बच्चों के साथ व्यवहार में पूरी शालीनता रखने के लिए भी निर्देशित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को निरंतर निरीक्षण करने के दिए थे निर्देश
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मई 2024 को पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रात्रि गश्त सहित निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।