स्वामित्व योजना के तहत करीब 50 लाख हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराने को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुरुवार को पांच मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, लेकिन बैठक के बाद भी पटवारी अपनी मांग पर कायम हैं। संघ का कहना है कि जब तक सरकार बदली हुई व्यवस्था का लिखित आदेश और सर्कुलर जारी नहीं करती, तब तक पटवारी रजिस्ट्री से जुड़ा काम नहीं करेंगे।
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बैठक में मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, चैतन्य काश्यप, विश्वास सारंग और करण सिंह वर्मा मौजूद रहे। अधिकारियों की ओर से राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, राजस्व सचिव, सीएलआर निधि निवेदिता और पंजीयन आईजी आलोक कुमार सिंह शामिल हुए। पटवारी संघ ने बैठक में सबसे प्रमुख मांग फिर दोहराई कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पटवारी को निष्पादक की जिम्मेदारी नहीं दी जाए।राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि पटवारियों की आपत्तियों को देखते हुए पहले की व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। इस पर संघ ने कहा कि अगर नियमों में बदलाव हो चुका है तो उसकी लिखित प्रति दी जाए। पटवारी संघ ने संशोधित ड्रॉफ्ट और संबंधित सर्कुलर की कॉपी भी मांगी।
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संघ पदाधिकारी उपेंद्र सिंह और सैनी ने बताया कि बैठक में पटवारी को निष्पादक की भूमिका से अलग करने की बात कही गई, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में पटवारी को पदेन निष्पादक बताया गया है। इसी को लेकर संघ ने आपत्ति जताई। मंत्रियों ने सर्कुलर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन बैठक खत्म होने तक संघ को इसकी प्रति नहीं मिल सकी। इसके बाद रजिस्ट्री से जुड़े काम को लेकर गतिरोध बना हुआ है।