भोपाल सेंट्रल जेल के सामने युवक की हत्या करने वाले बदमाशों ने वर्चस्व को लेकर चल रही टशन के बीच वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से बदमाश अपने घर से भी गायब हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। मृतक सुरेन्द्र कुशवाहा भाजपा का कार्यकर्ता था और पंचशील नगर मंडल का उपाध्यक्ष भी था।
गांधीनगर टीआई सुनील मेहर के मुताबिक हत्या के मामले में सतीश खरे जेल में बंद था। इस दौरान उसको एक महीने की पेरोल मिली थी। कल पेरोल खत्म होने के बाद विकास वर्मा, दोस्त ईशु खरे के साथ सतीश को जेल छोड़ने गया था। रास्ते में पंचशील नगर निवासी सुरेंद्र कुशवाहा (27) भी मिल गया। इसके बाद सभी लोग उसे जेल छोड़ने के लिए चले गए थे। सतीश खरे को जेल छोड़ने के बाद तीनों जेल कैम्पस से बाहर निकले, तभी संदेश नरवारे, आकाश भदौरिया, छोटा चेतन उर्फ फैजल और दीपांशु सेन ने चाकू से हमला कर दिया था।
सुरेंद्र की जांघ में चाकू लगा, जबकि विकास वर्मा के हाथ में चाकू लगा था। हमले में सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया था, जबकि विकास की हालत अब खतरे से बाहर है। टीआई मेहर ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई है। चूंकि आरोपियों ने प्लानिंग के तहत हमला किया था, इसलिए वह अपने घर भी नहीं गए। हमले की मुख्य वजह दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की बात सामने आ रही है। हत्या के मुख्य कारणों का खुलासा आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
आधा घंटे तक चला चक्काजाम
टीटी नगर एसीसी चंद्रशेखर पाण्डे ने बताया कि मृतक के परिजन लिंक रोड नंबर दो पर शव रखकर चक्काजाम कर रहे थे। समझाईश के बाद मामला शांत हो गया है। परिजनों ने एक बदमाश सहित दो और लोगों के नाम एफआईआर में जोड़ने के लिए कह रहे हैं, मामले की जांच गांधी नगर पुलिस कर रह ही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।