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MP News: सागर हादसे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री को भेजा नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब

Fri, 29 Aug 2025 10:33 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

सागर के बरदा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में 14 वर्षीय मानस शुक्ला का हाथ कटने पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, एसपी और कलेक्टर को नोटिस जारी किया। पीड़ित परिवार ने एफआईआर न दर्ज करने और धमकाने का आरोप लगाया। मानवाधिकार आयोग ने भी मुआवजे की सिफारिश की।
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कोर्ट ने पूर्व मंत्री के साथ ही सागर के एसपी, कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। - फोटो : ANI
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विस्तार
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सागर के बरदा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर 14 वर्षीय बालक मानस शुक्ला का हाथ कटने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया है। पीड़ित के पिता राकेश शुक्ला की याचिका पर कोर्ट ने पूर्व मंत्री के साथ ही सागर के एसपी, कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। इन सभी से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जवाब तलब किया है।
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बच्चे के पिता ने लगाई गंभीर आरोप 
बीना थाना क्षेत्र के बरदा गांव में खेलते समय मानस शुक्ला एक क्रेशर के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। गंभीर रूप से घायल बच्चे का हाथ काटना पड़ा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह और उनके भतीजे के प्रभाव के चलते पुलिस ने शिकायत के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की। परिवार ने धमकाने और झूठे केस में फंसाने की कोशिश का भी आरोप लगाया है।
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मानवाधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान 
इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मामले में कड़ी टिप्पणी की थी। आयोग ने 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का सुझाव देते हुए सवाल उठाया था कि आखिर अब तक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई। आयोग ने इसे "सत्ता का दुरुपयोग और जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़" बताया था। इस मामले में सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 
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पूर्व मंत्री ने जारी किया था पब्लिक नोटिस 
बढ़ते विवाद के बीच पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने पब्लिक नोटिस जारी किया था। इसमें उन्होंने कहा कि उनके भाई-भतीजों के व्यवसाय से उनका कोई संबंध नहीं है। संपत्ति बंटवारे के बाद वे अपने-अपने काम कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति उनके नाम का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपनी बेटियों, बेटे और पत्नी को ही अपना परिवार बताया था।
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