मध्य प्रदेश एसटीएफ ने व्यापमं की पीएमटी परीक्षा में मुन्ना भाई को बैठा परीक्षा पास करने वाले दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों भोपाल और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर के पद पर पदस्थ थे। दोनों को एसटीएफ ने कोर्ट के सामने पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं, दो अन्य फर्जी डॉक्टरों की एसटीएफ को तलाश है।
एसटीएफ ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की शिकायत पर दिसंबर 2022 में व्यापमं की 2008 और 2009 की परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर केस दर्ज किया था। एसटीएम के अनुसार 2009 एमबीबीएस परीक्षा में बालाघाट निवासी डॉ. प्रशांत मेश्राम, मुरैना निवासी डॉक्टर अजय टैगर और डॉक्टर हरिकिशन ने अपनी जगह मुन्ना भाई को बैठा कर पीएमटी पास की थी। इसी तरह 2008 की पीएमटी की परीक्षा में डॉ. शिवशंकर ने पीएमटी की परीक्षा पास की थी।
इस मामले में एसटीएफ ने अपनी जांच में ओएमआर सीट, हैंडराइटिंग समेत अन्य साक्ष्यों के बाद चारों को आरोपी बनाया। इसके बाद भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर प्रशांत मिश्राम और ग्वालियर के गजराजा मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर अजय टैगर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट के सामने पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ फरार डॉ. हरिकिशन और डॉ. शिवशंकर की तलाश कर रही हैं।