मालेगांव बम विस्फोट मामले में विशेष अदालत के फैसले के बाद सभी आरोपियों के बरी होने के बाद पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने इसे हिंदुत्व की जीत है और "भगवा आतंक" शब्द गढ़ने वालों के मुंह पर एक तमाचा बताया।
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में हुए विस्फोट में 6 लोगों की मौत हुई थी और 101 घायल हो गए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सात आरोपियों पर मुकदमा चला। विशेष अदालत ने 31 जुलाई को ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और पांच अन्य को इस मामले में बरी किया। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष ने दोषसिद्धि के लिए ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किए।
सत्य की जीत हुई, भगवा की विजय: साध्वी प्रज्ञा
भोपाल पहुंचने पर राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि यह हिंदुत्व और धर्म की जीत है। यह भगवा की विजय है। हमारे शास्त्रों में लिखा है 'सत्यमेव जयते' (केवल सत्य की जीत होती है) आज वह सिद्ध हुआ। जो लोग 'भगवा आतंक' की बात करते थे, उन्हें समाज और देश ने करारा जवाब दिया है।
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'झूठे बयान के लिए दबाव डाला गया'
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्हें झूठे बयान देने के लिए प्रताड़ित किया गया। कुछ लोगों के नाम लेने के लिए कहा गया, लेकिन मैं झुकी नहीं।
भोपाल में हुआ भव्य स्वागत
भोपाल लौटने पर साध्वी प्रज्ञा का कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मालाओं, ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ भव्य स्वागत किया। समर्थकों ने इस फैसले को "न्याय की जीत" करार दिया और भगवा झंडे लहराते हुए नारेबाज़ी की।