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MP News: पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच रिटायर्ड हाईकोर्ट जज राजेन्द्र कुमार वर्मा करेंगे, सीएम ने किया एलान

Wed, 19 Jul 2023 11:30 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि परीक्षा से संबंधित शिकायतों एवं जांच के दौरान उठने वाले अन्य प्रासंगिक बिंदुओं पर भी जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर यथोचित अनुशंसाएं 31 अगस्त 2023 तक राज्य शासन को प्रस्तुत होंगी।
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मध्य प्रदेश की पटवारी परीक्षा पर विवाद, जांच अधिकारी नियुक्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राजेंद्र कुमार वर्मा करेंगे। वह अपनी अनुशंसाएं 31 अगस्त तक राज्य शासन को देंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को जानकारी दी कि कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से आयोजित ग्रुप-2 , सब ग्रुप-4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधिपति राजेन्द्र कुमार वर्मा को नियुक्त किया गया है। उक्त परीक्षा से संबंधित शिकायतों एवं जांच के दौरान उठने वाले अन्य प्रासंगिक बिंदुओं पर भी जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर यथोचित अनुशंसाएं 31 अगस्त 2023 तक राज्य शासन को प्रस्तुत होंगी।
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बता दें पटवारी परीक्षा की धांधली को लेकर इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में अभ्यार्थी जांच कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 15 मार्च से 26 अप्रैल के बीच ग्रुप-2 (सब ग्रुप-4) सहायक संपपरीक्षक, सहायक जनसंपर्क अधिकारी, सहायक नगर निवेशक, सहायक राजस्व अधिकारी, सहायक अग्नि शमन अधिकारी की सीधी एवं बैकलॉग भर्ती तथा पटवारी भर्ती परीक्षा आयोजित हुई। यह परीक्षा प्रदेश के 13 शहरों में ऑनलाइन हुई। इसमें 12.79 लाख अभ्यर्थी ने आवेदन किए, जिसमें से 9.78 परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा का रिजल्ट 30 जून को जारी किया गया। वहीं, टॉप-10 उम्मीदवारों की सूची 10 जुलाई को जारी की गई। परीक्षा के टॉप-10 में से सात टॉपर ग्वालियर के भाजपा नेता के कॉलेज एनआरआई सेंटर से होने के बाद विवाद शुरू हुआ। 

वहीं, इसके बाद पटवारी की परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी के अभ्यार्थी वन रक्षक भर्ती परीक्षा में फिट होने की बात सामने आई। साथ ही परीक्षा की टॉपर के प्रदेश के जिलों और संभाग की संख्या नहीं मालूम होने को लेकर वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा बढ़ गया। इससे पहले कांग्रेस के परीक्षा में घोटाले के आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री ने नियुक्ति में रोक लगा कर जांच करने के आदेश दिए थे। हालांकि अब परीक्षा में चयनित अभ्यार्थी में नियुक्ति देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे है।  
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