रतलाम में गणेश प्रतिमा स्थापना के दौरान हुए पथराव और थाने के घेराव की घटना के बाद राज्य सरकार ने एसपी राहुल कुमार लोढ़ा को हटा दिया। गणेश चतुर्थी के दिन रतलाम के हाथीखाना और मोचीपुरा इलाकों में यह घटना घटित हुई, जिसमें पथराव और नारेबाजी हुई। इस घटना के बाद मंगलवार आधी रात को एसपी को हटाने के आदेश जारी किए गए। इस बीच, एसपी लोढ़ा के तबादले को लेकर सियासत शुरू हो गई है।
घटना के समय पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान हाथीखाना इलाके में भीड़ ने वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया, जिसमें भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष जलज साखला का भी नाम शामिल था। इसके बाद हिंदू संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में ज्ञापन सौंपा और पथराव करने वालों की पहचान न होने पर नाराजगी जताई। साथ ही पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ 24 घंटे में जांच और कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इसके चार घंटे बाद रात करीब 12 बजे एसपी राहुल लोढ़ा को रतलाम से हटा दिया गया और उन्हें एसपी रेल, भोपाल पदस्थ किया गया। इसके साथ ही नरसिंहपुर एसपी अमित कुमार को रतलाम का नया एसपी बनाया गया।
अमित कुमार रतलाम के नए एसपी
नरसिंहपुर के एसपी अमित कुमार को रतलाम का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, एसपी रेल भोपाल मृगास्त्री डेका को नरसिंहपुर का एसपी नियुक्त किया गया।
दंगे रोकने वाले एसपी को दंडित किया : इमरान प्रतापगढ़ी
रतलाम के एसपी राहुल लोढ़ा के तबादले पर अब राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मप्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "सत्ता प्रायोजित दंगे को रोकने वाले जांबाज पुलिस अधिकारी को पुरस्कृत करने के बजाय दंडित किया जा रहा है।