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MP News: धार भोजशाला फैसले पर रामेश्वर शर्मा, बोले- “यह सनातन की जीत”, मसूद बोले- ASI की रिपोर्ट को नहीं मानते

Fri, 15 May 2026 09:59 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

धार स्थित भोजशाला मामले में अदालत के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे “सनातन और सत्य की जीत” बताया, वहीं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने एएसआई रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
 
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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धार स्थित भोजशाला को लेकर आए न्यायालय के निर्णय पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “सत्य और सनातन की जीत” बताया है। उन्होंने कहा कि सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता, यह आज एक बार फिर साबित हुआ है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भारत के सनातन हिंदू धर्म पर लगातार आक्रमण हुए, मुगलों ने मंदिरों को तोड़ा, वेद-पुराण जलाए और लाखों हिंदुओं का रक्त बहाया, लेकिन हिंदू समाज अपने धर्म, संस्कृति और हिंदुस्तान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहा। उन्होंने कहा कि धार भोजशाला के लिए भी सनातनियों ने लंबी लड़ाई लड़ी है और न्यायालय पर विश्वास बना रहा कि अंततः सत्य की जीत होगी। शर्मा ने कहा कि आज का फैसला उसी विश्वास की जीत है। भाजपा विधायक ने सनातन धर्म के लिए संघर्ष और बलिदान देने वाले लोगों को नमन करते हुए कहा कि “यह सनातन की जीत है।” साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि मुस्लिम समाज भी सत्य को स्वीकार करेगा और जिन मंदिरों को “मुगल लुटेरों” द्वारा तोड़ा गया, उन्हें हिंदुओं को वापस कर भाईचारे और दोस्ती का संदेश देगा।
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सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे-मसूद 
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला वर्षों पुराना और आजादी से पहले का विवाद है। उन्होंने कहा कि जमीन और उस पर बनी मस्जिद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जो निचली अदालत से होते हुए हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। आरिफ मसूद ने कहा कि वर्तमान फैसला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट के आधार पर आया है और उनकी ओर से इस रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वे के दौरान संबंधित पक्ष को पूरी तरह शामिल नहीं किया गया। उनके अनुसार, पहले सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे में दोनों पक्षों को साथ रखने की बात कही थी, लेकिन बाद में कई बार उन्हें जांच प्रक्रिया से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि उनकी समिति एएसआई की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करती और अब इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। मसूद ने कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में की जाएगी और वहीं से राहत की उम्मीद है। 
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