मध्य प्रदेश में सरकार जल्द ही बड़े स्तर पर अधिकारियों को इधर उधर करने की तैयारी में है। इसमें युवा अधिकारियों को नई जिम्मेदारी और खराब परफार्मेंस वाले कलेक्टरों को हटाने की तैयारी है। कई जिलों में अधिकारियों के पद लंबे समय से खाली हैं, वहां प्रभारी के भरोसे काम चल रहा है। उज्जैन में एडिशनल कमिश्नर रत्नाकर झा एक महीने से प्रभारी कमिश्नर के रूप में काम कर रहे हैं। यहां संभागयुक्त संजय गुप्ता के पिछले माह सेवानिवृत्त निवृत्त होने के बाद किसी की पदस्थापना नहीं हुई है। वहीं, कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ के पद भी खाली हैं।