एनएसयूआई और परीक्षार्थियों ने एनएचएम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया
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नेशनल हेलथ मिशन (एनएचएम) की संविदा स्टाफ नर्स परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इसके बाद एनएचएम ने परीक्षा ही रद्द कर दी गई। इसके विरोध में कई सेंटर्स पर परीक्षार्थियों ने प्रदर्शन किया। वहीं, कांग्रेस ने सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए प्रदेश में माफियाओं का राज बताया।
नेशनल हेल्थ मिशन निजी एजेंसी दिल्ली की स्ट्रेजिक अलायंस मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से भर्ती कराती है। एजेंसी ही पेपर से लेकर परीक्षा लेने तक का पूरा काम करती हैं। मंगलवार को संविदा स्टाफ नर्स की परीक्षा भी निजी एजेंसी ही आयोजित कर रही थी। सुबह का पहला पेपर हो गया था। दूसरी पाली की परीक्षा से पहले परीक्षा का पेपर लीक होने की जानकारी एनएचएम को मिली। इसके बाद एनएचएम ने एजेंसी के सीईओ को पत्र लिखकर परीक्षा रद्द करा दी। इसके बाद परीक्षार्थियों को तकनीकी खामी बता कर सेंटर से बाहर कर दिया गया।
परीक्षार्थियों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
पेपर लीक मामले में परीक्षार्थियों ने कुछ सेंटर और एनएचएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। परीक्षाओं ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बता दें एनएचएम ने 2284 पदों के लिए भर्ती आयोजित की थी। इसमें 60 हजार परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था।
कांग्रेस बोली- प्रदेश में माफियाओं का राज
नर्सिंग पेपर लीक मामले में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में माफियाओं का राज हैं। प्रदेश में माफिया और सरकार के बीच गठजोड़ हैं। शिवराज सिंह का ना तो सरकार पर कंट्रोल है और ना ही वो माफिया को रोक पा रहे हैं। सिंह ने कहा कि बच्चों के जो पैसे खर्च हुए वापस करें और एक महीने में परीक्षा दोबारा आयोजित कराएं।
जांच की जा रही है, पेपर लीक की सूचना मिली थी
एनएचएम की डॉयरेक्टर प्रियंका दास ने कहा कि हमने पेपर लीकी सूचना पर परीक्षार्थियों के भविष्य को देखते हुए परीक्षा रद्द की हैं। इसमें जांच की जा रही हैं। यदि पेपर लेने वाली आउटसोर्स एजेंसी की गड़बड़ी मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।