भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दो अधिकारियों, बंसल कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो निदेशकों और दो कर्मचारियों को 20 लाख रूपए की घूस के लेनदेन के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को भी कार्रवाई की है। सोमवार को सीबीआई दिल्ली और नागपुर की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एनएचएआई भोपाल के डीजीएम व प्रोजेक्ट डायरेक्टर और विदिशा में पदस्थ प्रोजेक्ट डायरेक्टर को भी गिरफ्तार किया है। सोमवार को नागपुर और दिल्ली सीबीआई की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एनएचएआई के डीजीएम राजेंद्र कुमार गुप्ता और विदिशा में पदस्थ प्राजेक्ट डायरेक्टर हेमंत कुमार को भी इसी घूसखोरी के मामले में अरेस्टिंग की गई है।
सोमवार को सीबीआई की टीमों ने नागपुर, भोपाल, हरदा, विदिशा और डिंडौरी में आरोपियों के कार्यालय, निवास और ठिकानों कुल 16 स्थानों पर छापेमारी की है। छापेमार के दौरान करीब 90 लाख रूपए की नकदी व जेवर बरामद किए गए हैं। रविवार को 20 लाख रूपए की घूस की राशि के साथ सीबीआई ने कुल एक करोड़ दस लाख रूपए बरामद किए थे। सोमवार को बरामदगी की यह राशि करीब बढ़कर करीब दो करोड़ हो चुकी है। वहीं रविवार को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए एनएचएआई के जीएम व प्रोजेक्ट डायरेक्टर नागपुर अरविंद काले, हरदा में पदस्थ उप महाप्रबंधक बृजेश कुमार साहू, भोपाल स्थित बंसल कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक अनिल बंसल व कुणाल बंसल और बंसल कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी सी कृष्णा और छतर सिंह को गिरफ्तार किया था। सोमवार को सीबीआई ने सभी को भोपाल में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश कर रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने सभी को सीबीआई की रिमांड पर दे दिया।
विदिशा, भोपाल से नागपुर तक के प्रोजेक्ट सीबीआई की रडार पर
सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंसल कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी कंपनी को विदिशा, भोपाल, हरदा से लेकर नागपुर तक मिले ठेकों के कंप्लीसन सर्टीफिकेट, प्रगति पत्रक और बिलों के भुगतान को लेकर लगातार संपर्क में रहते थे और घूस देकर कार्य कराते थे। इसी कारण भोपाल और विदिशा के एनएचएआई अधिकारी भी सोमवार को गिरफ्तार किए गए हैं। सीबीआई की टीमें सभी अधिकारियों से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाने में लगी हैं कि घूसखोरी का यह धंधा कब से चल रहा था और किन-किन प्रोजेक्ट को घूस लेकर पास कराया गया और अब तक अधिकारियों ने कितने करोड़ की राशि घूस में प्राप्त की है।