भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री शंभूनाथ टुंडिया
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भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति (अजा) मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री शंभूनाथ टुंडिया ने रविवार को भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए बार-बार संविधान और दलितों का अपमान किया है। टुंडिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अमेरिका में आरक्षण के विरोध में दिए गए बयान को संविधान और दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया। टुंडिया ने कहा कि अजा मोर्चा राहुल गांधी के बयान के खिलाफ प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह संविधान की आत्मा को कुचलती रही है और दलितों के हक को अनदेखा करती आई है। टुंडिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने लगभग 57 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन इस दौरान कभी उसने संविधान में प्रदत्त मूलभूत आरक्षण के सिद्धांत को सही भावना और स्वरूप में लागू करने की इच्छा शक्ति नहीं दिखाई।
कांग्रेस ने बाबा साहेब का किया अपमान
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने 1956 में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने से संबंधित काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। 1961 में पं. नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। पं. नेहरू ने ही बाबा साहब अंबेडकर के सामाजिक और राजनीतिक जीवन का समाप्त करने का षडयंत्र रचा, उन्हें लोकसभा चुनाव में हराने का पाप किया। टुंडिया ने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी बाबा साहेब का तैल चित्र संसद में नहीं लगने दिया था और न ही उन्हें कभी भारत रत्न देने का प्रयास किया गया। टुंडिया ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का सम्मान करने के बजाय उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने बाबा साहेब का तैलचित्र संसद में नहीं लगने दिया और उन्हें भारत रत्न देने की कोशिश भी नहीं की।
मोदी सरकार दे रही दलितों को अधिकार
टुंडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने संविधान को सम्मान देने और दलितों को अधिकार प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने संविधान दिवस को सरकारी स्तर पर मनाने, धारा 370 हटाने, और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने जैसे फैसलों को इसका उदाहरण बताया।