जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने एमपीएसआईडीसी का भ्रमण किया
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को निवेश और नवाचार का हब बनाने की दिशा में नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जर्मन व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (MPSEDC) का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन, डीप टेक और निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना हैं। प्रतिनिधिमंडल में जर्मनी के अग्रणी उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ शामिल थे। इनमें टाइलर्स के स्टीवन रेनविक, टैलोनिक के निकोलस एडमोपोलोस और जोआना माजा मोर्ज़ी, स्टेएक्स के एलेक्जेंड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट एजी के गेब्रियल वेटज़ेल और आंद्रे लैंग, क्लाउडस्क्विड के फिलिप रेजमस तथा जर्मनी-इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर के सिद्धार्थ भसीन मौजूद रहे। ये कंपनियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन, डेटा अवसंरचना और उद्यम समाधान के क्षेत्र में अग्रणी हैं। एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक गुरु प्रसाद ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र बन रहा है। जर्मनी और मध्यप्रदेश के बीच नवाचार और उद्यमिता में मजबूत समन्वय है। इस साझेदारी से अनुसंधान, निवेश और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी।
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साइबर तहसील, ई-नीलामी जैस परियोजनाओं को देखा
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य डेटा सेंटर और एमपीएसईडीसी की प्रमुख परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसमें एमपी स्वान, राज्य डेटा सेंटर, उत्कृष्टता केंद्र, एकल नागरिक डेटाबेस, साइबर तहसील, ई-नीलामी, यूनिपे और ई-एचआरएमएस जैसी परियोजनाएं शामिल थीं। साथ ही एआई/एमएल आधारित डिस्कॉम समाधान, पुलिस चैटबॉट, भावना विश्लेषण मंच और आबकारी डैशबोर्ड जैसे नवाचार भी प्रदर्शित किए गए।
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प्रदेश की नीतियों से कंपनियां निवेश की तरफ बढ़ रही
प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश की प्रगतिशील नीतियों की जानकारी दी गई, जिनमें जीसीसी नीति-2025, एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025, ड्रोन संवर्धन और आगामी सेमीकंडक्टर नीति शामिल हैं। ये नीतियां प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रही हैं। लागत, प्रतिभा और बुनियादी ढांचे के मामले में मध्यप्रदेश टियर-2 शहरों में प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करता है, जिसके चलते कंपनियां तेजी से यहां निवेश की ओर बढ़ रही हैं।
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