जस्ट आस्क डिजिटल एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म के साथ उपयोगकर्ता के बड़े होने, शारीरिक परिवर्तन, यौवन, मासिक धर्म, प्रजनन स्वास्थ्य, गर्भावस्था, परिवार नियोजन, लिंग पहचान, यौन अभिविन्यास, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य एसआरएचआर विषयों से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं।
भोपाल के ताज लेकफ्रंट होटल में जस्ट आस्क र्कायक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने खुल के पूछो चैट बॉट लॉन्च किया है। इस चैट बॉट को गुगल लेंस से स्कैन करने पर लिंक खुलेगा, जो व्हाट्सएप चैट से कनेक्ट हो जाएगा। यहां किशोर वह सवाल भी पूछ सकते हैं जो हिचकिचाहट की वजह से अपने माता-पिता, घर के किसी बड़े या शिक्षक से भी नहीं पूछ सकते। इसका उद्देश्य किशोर-किशोरियों में उम्र के साथ शरीर में होने वाले बदलावों और परिवर्तन के समय में होने वाली परेशानी या शंका का समाधान करना है। यह चैट बॉट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही एक हिस्सा है। मध्य प्रदेश यह चैट बॉट लॉन्च करने वाला देश का पहला प्रदेश है। इस चैट बॉट की लॉचिंग में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, यूएनएफपीए भारत और भूटान की प्रतिनिधि एवं कंट्री डायरेक्टर एंड्रिया वोज्नार, स्वास्थ्य विभाग में एसीएस मोहम्मद सुलेमान, स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाड़े, एनएचएम की एमडी प्रियंका दास, टीकाकरण अधिकारी संतोष शुक्ला, यूएनएफपीए के स्टेड हेड सुनील थॉमस आदि विभागीय अधिकारियों के साथ साथिया ग्रुप की टीम भी उपस्थित रही।
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विभिन्न शंकाओं का निराकरण करेगा खुल के पूछो चैट बॉट
जस्ट आस्क डिजिटल एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म के साथ उपयोगकर्ता के बड़े होने, शारीरिक परिवर्तन, यौवन, मासिक धर्म, प्रजनन स्वास्थ्य, गर्भावस्था, परिवार नियोजन, लिंग पहचान, यौन अभिविन्यास, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य एसआरएचआर विषयों से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं। चैट बॉट उपयोगकर्ताओं को इंटरैक्टिव वार्तालापों में जोड़ते हुए उन्हें सटीक और विश्वसनीय जानकारी नि:शुल्क प्रदान करेगा। यूजर के अनुभव को सुरक्षित, वैयक्तिक, बहुभाषी और सहानुभूतिपूर्ण बनाने के लिए बनाया गया है। दो महत्वाकांक्षी रोल मॉडल ध्रुव और दृष्टि है, जो सरल और विश्वसनीयता के साथ जानकारी साझा करते हैं। किशोरों और युवा वयस्कों के मुद्दों जैसे यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार (एसआरएचआर) सामाजिक मुद्दों पर सही एवं सुलभ जानकारी देने के लिए विकसित किया गया है।
मध्य प्रदेश में एक नया नवाचार
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि यह मध्यप्रदेश में एक नया नवाचार है। इसके माध्यम से 15 से 25 वर्ष के वयस्कों में नए-नए विचार आते हैं जो वे अपने माता-पिता या अभिभावकों से पूछ नहीं पाते हैं। ऐसी तमाम जिज्ञासाओं और जरूरत के सवालों को चैट बॉट से खुलकर पूछ सकते हैं। यह युवाओं के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक का कार्य करेगा। स्वास्थ्य मंत्री और यूएनएफपीए के भारत प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोज्नार ने संयुक्त रूप से खुल के पूछो चैट बॉट का अनावरण किया। एसीएस मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि खुल के पूछो मध्यप्रदेश को पहला चैट बॉट , जो समावेशी और आसानी से प्रयोग किया जाने वाला साधन है, जो समय के साथ युवाओं को सबसे विश्वसनीय मददगार साबित होगा।
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सही और सुलभ जानकारी मिलेगी
किशोरों और युवा वयस्कों के मुद्दों जैसे यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार (एसआरएचआर) सामाजिक मुद्दों पर सही एवं सुलभ जानकारी देने के लिए विकसित किया गया है। खुल के पूछो चैट बॉट में सामग्री सरल, आकर्षक इन्फोग्राफिक्स द्वारा समर्थित है, जो सामान्य समझ को बढ़ाती है। उपयोगकर्ताओं को आसानी से निर्देशों का पालन करने में सक्षम बनाती है। इसके अलावा खुल के पूछो चैट बॉट किशोरों और युवाओं को किशोर अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (एएफएचसी), सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और हेल्पलाइन से जोड़ता है।