मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज देश और दुनिया में एक उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। बीते वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 13 करोड़ 41 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह न केवल प्रदेश की खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर का प्रमाण है, बल्कि सरकार की पर्यटन नीति और निवेश आकर्षण की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम भी है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों को लुभा रहा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 27 राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य हैं। इनमें कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे पार्क शामिल हैं, जो दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यहां देश में सबसे ज्यादा बाघ पाए जाते हैं। इसके अलावा चंबल जैसी स्वच्छ नदियों और वहां के घड़ियाल संरक्षण केंद्र भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों को लुभा रहे हैं।
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प्रदेश का हर कोना इतिहास से जुड़ा
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश का हर कोना इतिहास और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। खजुराहो के मंदिर, सांची का स्तूप और भीमबेटका की गुफाएं पहले से ही यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल हैं। अब सरकार नए पर्यटन स्थलों को भी इस सूची में शामिल कराने के लिए पहल कर रही है। ग्वालियर का किला दुनिया में “टेंपल ऑफ जीरो” के नाम से पहचाना जा रहा है। वहीं ओरछा का रामराजा मंदिर और उज्जैन का महाकाल लोक आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में यह स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
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अर्थव्यवस्था भी हो होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने का संकल्प लिया है। हाल ही में रीवा में आयोजित पर्यटन कॉन्क्लेव में 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। सरकार का उद्देश्य है कि निजी क्षेत्र के निवेश से पर्यटन संरचनाओं को विश्व स्तरीय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से केवल प्रदेश की छवि ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के हजारों अवसर भी स्थानीय युवाओं को मिलेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे, गाइड सेवा और हस्तशिल्प के जरिए लोगों की आमदनी में इजाफा हो रहा है।
धरोहरों से फिल्मकार हो रही आकर्षित
सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 100 से अधिक पर्यटन ग्राम विकसित किए हैं। यहां पर पर्यटक ग्रामीण जीवन, परंपराओं और लोक संस्कृति से रूबरू हो सकते हैं। अब तक प्रदेश में 470 से अधिक होम-स्टे सुविधाएं चालू हो चुकी हैं। फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक धरोहरें फिल्मकारों को आकर्षित कर रही हैं। हाल के वर्षों में यहां कई हिंदी और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की शूटिंग हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश की ब्रांडिंग होती है और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
पर्यटन के लिए नई नीतियां तैयार कर रहे
प्रदेश सरकार चिकित्सा पर्यटन पर भी जोर दे रही है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन को बहुआयामी रूप देकर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर पर्यटन का अग्रणी केंद्र बनाया जाए। इसके लिए नई नीतियां तैयार की जा रही हैं।