पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
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मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव को देखते हुए दिनोंदिन राजनीतिक बयानबाजी से सियासी पारा गरमा रहा है। रविवार को पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर मंत्री भूपेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाया। पूर्व सीएम ने लिखा, ‘मंत्री की सभा में ओलावृष्टि से प्रभावित फसल की मुआवजा राशि नहीं मिलने की बात करने वाले युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।‘ इस पर भूपेंद्र सिंह ने आरोप का जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा।
युवक का प्रताड़ित किया जा रहा था: दिग्विजय
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने लिखा कि मंत्री भूपेंद्र सिंह के सामने ओलावृष्टि से प्रभावित फसल की मुआवजा राशि नहीं मिलने की बात करने वाले युवक सुरदीप पिता संतोष ठाकुर निवासी ग्राम लेहटवास तहसील बीना, जिला सागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत। इसकी पुलिस जांच कर रही है। एक अन्य ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि मंत्री जी की सभा में बोलने पर पुलिस ने युवक पर मामला दर्ज किया था एवं युवक का टपरा गिराया गया था, जिससे युवक परेशान था। प्रशासन द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। एक व्यक्ति द्वारा मुझे यह सूचना मिली है। मैं पता लगा रहा हूं।‘
तथ्यहीन राजनीति से अचंभित हूं: मंत्री
पूर्व सीएम के ट्वीट पर मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पलटवार कर लिखा कि कभी सुनते थे कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति का समंदर हैं। पर आज देख रहा हूं कि कहने वाले सूखी बावड़ी को समंदर समझ बैठे। अचंभित हूं आपकी सुनी सुनाई, तथ्यहीन राजनीति से। सत्य और तथ्य से ऐसा दुराग्रह? अब मैं आपको बताता हूं साक्ष्य के साथ तथ्य।
कांग्रेस झूठ के पांव नहीं, सिर्फ पंजे
भूपेंद्र सिंह ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि आप जिस सुरदीप के मुआवजा नहीं मिलने की आवाज उठाने की बात कर रहे उसके नाम पर कोई जमीन नहीं है। फिर मुआवजा नहीं मिलने का प्रश्न कहां से उठा? सुरदीप के भाई रवींद्र के नाम पर डेढ़ एकड़ जमीन है, जिसे 16 हजार रुपये मुआवजा मिल चुका है। सुरदीप का चाय का टपरा एसडीएम कार्यालय के सामने आज भी यथावत है। ना कभी गिरा, ना गिराया गया। केवल गिरा तो आपकी तथ्यहीन, द्वेषपूर्ण राजनीति का स्तर! मौत की पुलिस जांच कर रही है। इसके निष्कर्ष आने के पहले ही आपने राजनीतिक आरोप जड़ दिए। पर आप भूल गए कि कांग्रेसी झूठ के पांव नहीं होते, बस पंजे होते हैं।