आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और जीएसटी विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को सिंगरौली समेत प्रदेशभर में एक साथ की गई कार्रवाई में कर चोरी का मामला उजागर किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फर्जी इनवॉइस और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिये करीब 20 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया गया। टीम ने सिंगरौली सहित करीब एक दर्जन जिलों में 16 स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल डाटा जब्त किया है। संयुक्त जांच दल ने अब तक की छापेमारी में कई फर्जी बिलिंग और संदिग्ध लेन-देन संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त डाटा का परीक्षण किया जा रहा है और अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने पर कर अपवंचन की वास्तविक राशि और भी अधिक निकल सकती है।
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कैसे हुआ घोटाला?
जानकारी के अनुसार, बैढ़न (सिंगरौली) के कर सलाहकार अनिल कुमार शाह ने कई फर्मों से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर उसे स्थानीय व्यापारिक फर्मों को उपलब्ध कराया। इसके एवज में शाह ने कमीशन और आर्थिक लाभ अर्जित किया। जांच में सामने आया कि फर्मों ने वास्तविक माल या सेवाएं प्राप्त किए बिना ही आईटीसी का दावा कर शासन को भारी राजस्व क्षति पहुंचाई।
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किसके नेतृत्व में हुई कार्रवाई?
यह कार्रवाई रीवा इकाई EOW के पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर और असिस्टेंट कमिश्नर GST दीप खरे के नेतृत्व में की गई। इसमें निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक पवन राज, अभिषेक पांडेय, प्रधान आरक्षक सत्य नारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक संतोष मिश्रा, अमित दुबे तथा साइबर सेल मुख्यालय भोपाल से प्रधान आरक्षक सुनील कुमार मिश्रा और राकेश यादव सहित GST विभाग के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में इस कार्रवाई से और भी बड़े नाम सामने आने की संभावना है।
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