भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय नवविवाहिता ने शादी के केवल सात महीने बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था, लेकिन जब परिजनों ने शव लिया, तो उन्होंने मंगलसूत्र चोरी होने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना ने न केवल परिवार को सदमे में डाल दिया, बल्कि अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी है और मोर्चरी में चोरी के आरोप की जांच का आश्वासन दिया गया है।
कमरे में लटका मिला नवविवाहिता का शव
जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के बरखेड़ी में हुई, जहां 20 वर्षीय लक्ष्मी विश्वकर्मा अपने पति दीपक विश्वकर्मा के साथ किराए के कमरे में रहती थी। दोनों मूल रूप से रायसेन जिले के बरेली के पास के रहने वाले थे और रोजगार की तलाश में कुछ महीने पहले भोपाल आए थे। थाना प्रभारी चतुर्भुज सिंह राठौर ने बताया कि मंगलवार को दीपक काम की तलाश में बाहर गया था। इस दौरान लक्ष्मी ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। जब दीपक घर लौटा, तो उसने लक्ष्मी को फंदे पर लटका हुआ पाया। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारा और पंचनामा बनाकर उसे हमीदिया अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया।
मोर्चरी में मंगलसूत्र चोरी का आरोप
बुधवार को परिजनों की मौजूदगी में लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जब शव परिजनों को सौंपा गया, तो पति दीपक और अन्य परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि मोर्चरी में रखे जाने के समय लक्ष्मी के गले में सोने का मंगलसूत्र था, जो अब गायब है। इस आरोप ने अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। परिजनों का कहना है कि यह मंगलसूत्र उनकी नवविवाहिता के लिए भावनात्मक और सामाजिक महत्व का था। गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डीन ने इस मामले में जांच का आश्वासन दिया है, ताकि चोरी के आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
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आत्महत्या के कारणों की जांच
थाना प्रभारी चतुर्भुज सिंह राठौर ने बताया कि लक्ष्मी के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लक्ष्मी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दीपक का रोजगार ठीक नहीं चल रहा था, जिसके कारण परिवार आर्थिक तनाव में हो सकता था। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए पुलिस और गहन जांच कर रही है। पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू की है ताकि लक्ष्मी की मानसिक स्थिति और परिस्थितियों को समझा जा सके।
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मायके पक्ष ने नहीं लगाया आरोप
लक्ष्मी के मायके वालों को भी पोस्टमार्टम के लिए बुलाया गया था और उनकी मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि मायके पक्ष ने लक्ष्मी के पति दीपक या ससुराल वालों पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि सात महीने की शादी के दौरान लक्ष्मी ने कभी भी अपने पति या ससुराल वालों की शिकायत नहीं की थी। इस बयान ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है, क्योंकि आत्महत्या का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। मायके पक्ष भी इस घटना से गहरे सदमे में है और अपनी बेटी के इस कदम से स्तब्ध है।