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MP News: इस्तीफा देने वाली डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का इंटरव्यू, सरकार को बताया तानाशाह

Fri, 23 Jun 2023 07:15 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पदस्थ एसडीएम निशा बांगरे इस्तीफा देने के बाद सरकार पर हमलावर हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार तानाशाहीपूर्ण काम कर रही और प्रशासनिक अधिकारी तुगलकी फरमान जारी कर रहे है। इस्तीफा देने के बाद बैक डेट में नोटिस भेजा है। 
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एसडीएम निशा बांगरे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पदस्थ एसडीएम निशा बांगरे इस्तीफा देने के बाद अब और मुखर हो गई है। उन्होंने राज्य सरकार और बिना नाम लिए बैतूल कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार तानाशाहीपूर्ण तरीके से काम कर रही है। इस्तीफा देने के बाद बैक डेट में नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा है। यह सरकार का तुगलकी फरमान है। बैतूल जिले के अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गलत जानकारी दी है। यह सीधे-सीधे मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के बेटे अमरवीर बैंस पर हमला है, जो वर्तमान में बैतूल कलेक्टर है। बता दें निशा बांगरे ने डिप्टी कलेक्टर पद से 22 जून को इस्तीफा दे दिया है। 

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सवालः आपने इस्तीफा देने जैसा कदम क्यों उठाया? 
निशा बांगरेः
मैंने अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म शांति कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को आवेदन किया था। इस पर जीएडी ने बैतूल जिला प्रशासन को प्रतिवेदन देने को कहा था। बैतूल के प्रशासनिक अधिकारियों ने षड्यंत्रपूर्वक गलत जानकारी दी। इस आधार पर जीएडी ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम 9(2) और नियम 16(2) का हवाला देते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी। इससे मेरी भावनाएं आहत हुई हैं और मैंने इस्तीफा दिया है। 

सवालः आपको नियमों के तहत ही अनुमति देने से इनकार किया गया है। इसमें गलत क्या है? 
निशा बांगरेः अधिकारियों ने सिविल सेवा आचरण नियमों का दुरुपयोग किया है। नियम के अनुसार जब तक रोका न जाए, तब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी शासन की अनुमति के बिना धार्मिक/चैरिटेबल कार्यक्रम में भाग ले सकता है। इन्होंने इस नियम का भी उल्लंघन किया है। वहां कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हो रहा था, जिसमें भाग लेने से मुझे रोका गया है। 
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सवालः आपके साथ अधिकारी क्यों षड्यंत्र करेंगे? ऐसा करने वाले अधिकारी कौन हैं? 
निशा बांगरे:
जिला प्रशासन के मुखिया (अमरवीर बैंस) के निर्देश पर निचले स्तर के अधिकारियों ने यह प्रतिवेदन तैयार किया है। क्यों और कौन, अभी मैं नहीं बता सकती। इसमें बैतूल के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी हाथ है। उन्होंने राजनीतिक कारणों से अपने पद का दुरुपयोग किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक गलत जानकारी पहुंचाई है। 

सवालः जिला प्रशासन ने आपसे जवाब मांगा है और नोटिस जारी किया है। आप उस पर क्या कहेंगी?
निशा बांगरे:
मैं जानती हूं कि मेरे खिलाफ आगे भी शासन और प्रशासन की तरफ से षड्यंत्र होंगे। इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस्तीफा देने के बाद बैक डेट में मुझे नोटिस जारी किया गया है। इसका जवाब उसी दिन मांग लिया गया। जवाब देने के लिए कम से कम तीन दिन का समय तो देना चाहिए था। यह सीधे तौर पर साजिश है। यह सरकार का तानाशाहीपूर्ण रवैया है। प्रशासन का तुगलकी फरमान है।

सवालः आपने कुछ समय पहले चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। क्या आप चुनाव लड़ेंगी? 
निशा बांगरेः
मेरे पास अब तक किसी राजनीतिक दल का प्रस्ताव नहीं आया है। मैं अब इस पर विचार करूंगी। 

सवालः इस्तीफा नामंजूर होता है तो क्या आप दोबारा जॉइन करेंगी? 
निशा बांगरेः
अब मेरी कतई इच्छा नहीं है। जब मैं अपने अधिकारों का ही इस्तेमाल नहीं कर सकती तो फिर दूसरों को अधिकार कैसे दिला सकूंगी?

सवाल: आगे क्या करने का सोचा है?
निशा बांगरे:
यह मेरे कामों को रोकने का प्रयास करेंगे। मैं अब समाज की बेहतरी, सामाजिक न्याय और बच्चों को शिक्षित करने का काम करूंगी ताकि वे अफसर बनकर सर्वधर्म के प्रतीकों और सर्वधर्म प्रार्थना को न रोकें। 

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