मध्य प्रदेश में चुनावी साल में राजनीति दल किसानों को साधने में जुट गए है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से परेशान किसान को साधने के लिए भाजपा का किसान मोर्चा प्रदेश में किसान सम्मेलन और मंडल स्तर पर पदयात्रा आयोजित करेगा।
प्रदेश में किसान एक बड़ा वोट बैंक हैं। प्रदेश में 62 प्रतिशत आबादी किसान है। अब प्रदेश में गेहूं की खरीद शुरू होने वाली है। प्रदेश में करीब 70 हजार हेक्टेयर में लगी फसल बारिश से बर्बाद हुई है। सरकार ने मुआवजा देने के साथ ही पानी लगने से कम चमक वाला गेहूं भी समर्थन मूल्य पर खरीदने का ऐलान किया है। सरकार चुनावी साल में किसानों को साध कर रखना चाहती है। इसके लिए अब किसान सम्मेलन और मंडल स्तर पर पदयात्रा निकालने जा रही है। 9 से 14 अप्रैल के बीच प्रदेश के सभी जिलों में जिला सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। 2018 में भाजपा की सरकार कांग्रेस की कर्ज माफी योजना के कारण चली गई थी। इस बार फिर कांग्रेस ने फिर सत्ता में आने पर कर्ज माफी का ऐलान कर दिया है। ऐसे में भाजपा भी कोई गलती नहीं करना चाहती। हालांकि प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार ने भी डिफाल्टर किसानों के ब्याज का भुगतान करने का ऐलान किया है।
किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि सामाजिक न्याय समरसता सप्ताह कार्यक्रम के तहत किसान मोर्चा प्रदेश के समस्त मंडलों मे ग्रामीण स्तर पर पदयात्रा का आयोजन करेगा। शहरी क्षेत्र में श्री अन्न (मोटे अनाज) के जनजाग्रति पदयात्रा की जायेगी। उन्होंने कहा कि श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए उत्पादक कृषकों की सूची बनाकर उन्हें बाजार उपलब्ध करवाने का कार्य किया जायेगा। प्राकृतिक कृषि करने वाले किसान परिवारों की सूची बनाकर उन्हें सम्मेलन में सम्मानित किया जायेगा।
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि भाजपा प्रायोजित किसान सम्मेलन भाजपा के ही अनुषांगिक संगठन के द्वारा किया जा रहा है। क्या अतिवृष्टि, ओलावृष्टि का सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है। यदि हो चुका है तो किसानों के खातों में मुआवजा राशि अब तक क्यों नहीं पहुंची। यदि नहीं हुआ है तो किसानों को मैं हूं ना कहने वाले किसान पुत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्नदाताओं को धोखा क्यों दिया? यह बात किसान भाजपा के नेताओं से पूछेगा।