मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रदेश सरकार ने छात्रावासों और आश्रमों की स्थिति का जायजा लेने और उनमें सुधार की संभावनाओं को तलाशने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए सरकार ने 13 आईएएस अधिकारियों की एक समिति गठित की है। यह कमेटी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए संचालित छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने का जिम्मा सौंपा गया है। इस कमेटी के गठन का उद्देश्य छात्रावासों और आश्रमों में छात्रों के लिए एक सुरक्षित और समुचित वातावरण सुनिश्चित करना है, ताकि उनकी शिक्षा में कोई रुकावट न आए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान भोजन, रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जांच करेंगे। अधिकारियों को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे छात्रावासों और आश्रमों के प्रबंधन से संवाद करें और उनके समक्ष आने वाली समस्याओं को समझें। इसके आधार पर, राज्य सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। इसके लिए नोडल विभाग जनजातीय कार्य विभाग होगा।
अधिकारी और उनको आवंटित जिले
सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार गठित समिति में पी नरहिर को इंदौर, खरगौन, खंडवा, बुरहानुपर। डॉ. नवनीत मोहन कोठारी को धार, झाबुआ, अलीराजपुर,बड़वानी, डॉ. संजय गोयल को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, एम सेलवेन्द्रन को शाजापुर, देवास, आगर, मालवा, रघुराज एम आर को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शिल्पा गुपता को नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, लोकेश कुमार जाटव को जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी, जान किंग्सली एआर को बालाघाट, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, पांढूर्ना। श्रीमन शुक्ला का अनूपपुर, उमरिया, शहडोल। सीबी चक्रवर्ती एम का सागर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना। अनिल सुचारी को रीवा, मऊंगज, सतना, मैहर, सीधी, सिंगरौली, ओमप्रकाश श्रीवासतव को ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया और ललित दाहिमा को भिंड, मुरैना और श्योपुर जिला आवंटित किया गया है।